राजस्थान पुलिस का यातायात नियमों के उल्लंघन पर विशेष अभियान, 16 हजार वाहन जब्त
राजस्थान में अवैध बत्तियां, काली फिल्म और नंबर प्लेट नियमों के उल्लंघन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, प्रदेशभर में 16,656 वाहनों का चालान।

राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे सघन नाकेबंदी अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
राजस्थान की सड़कों पर वीआईपी कल्चर का रौब झाड़ने और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर पुलिस ने अब अपना शिकंजा कस लिया है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, प्रदेशव्यापी विशेष महा-अभियान के अंतर्गत यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ पुलिस का 'वज्र प्रहार' जारी है। अभियान के पांचवें और छठे दिन प्रदेश के समस्त जिलों में एक साथ सघन नाकेबंदी और चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 16,656 वाहनों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्यवाही को अंजाम दिया है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी. एल. मीणा ने इस व्यापक अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़कों को आमजन के लिए सुरक्षित बनाना है। इस दौरान उन वाहनों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया जिनमें अवैध रूप से संशोधन किए गए थे। पुलिस ने अनधिकृत लाल-नीली बत्तियों, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न और वाहनों की बॉडी या चेसिस में किए गए अवैध बदलावों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसके अतिरिक्त, वाहनों पर लिखे गए अनधिकृत शब्दों, चिन्हों और लेखन को भी पूरी तरह से हटाया जा रहा है।
इस दो दिवसीय सघन अभियान के आंकड़ों पर गौर करें तो सर्वाधिक कार्यवाही वाहनों के शीशों पर काली फिल्म चढ़ाने वालों और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वालों पर की गई है। आंकड़ों के अनुसार, काली फिल्म के कुल 6,406 मामले और नियम विरुद्ध नंबर प्लेटों के 4,621 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह लिखने के 2,228 मामले, बॉडी में अवैध परिवर्तन के 1,533 मामले, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती व फ्लैशर के 998 मामले और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 870 प्रेशर हॉर्न के मामलों में चालान व जब्ती की कार्यवाही सुनिश्चित की गई।
विभिन्न जिलों के प्रदर्शन का विश्लेषण करें तो कोटा शहर पुलिस की कार्यवाही सबसे अधिक प्रभावशाली रही, जिसने दोनों दिनों में कुल 1,899 वाहनों पर कार्रवाई की। वहीं, झालावाड़ पुलिस ने अभियान के छठे दिन रिकॉर्ड गति से कार्य करते हुए एक ही दिन में 813 वाहनों को धर दबोचा। राजधानी जयपुर में भी डीसीपी ट्रैफिक की टीमों ने सक्रियता दिखाते हुए 1,268 उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है।
एडीजी डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि कानून की सर्वोच्चता स्थापित करने का एक निरंतर प्रयास है। वाहनों पर अवैध बत्तियां लगाकर स्वयं को कानून से ऊपर समझने वाले, प्रेशर हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले और काली फिल्म की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले तत्वों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्यवाही स्पष्ट संदेश देती है कि यदि सड़कों पर नियम तोड़े जाएंगे, तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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