राजस्थान पर्यटन: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने पर्यटन परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने और राज्य को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख डेस्टिनेशन बनाने पर जोर दिया।

जयपुर में पर्यटन विभाग की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, पर्यटन सचिव शुचि त्यागी और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
जयपुर, 3 जून। राजस्थान को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर शीर्ष स्थान पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विभागीय अधिकारियों को दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बुधवार को पर्यटन भवन में आयोजित एक उच्च-स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश को विश्व पर्यटन का सिरमौर बनाने के लिए सभी लंबित पर्यटन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना अनिवार्य है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, पर्यटन सचिव शुचि त्यागी, पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी एवं पवन जैन, तथा संयुक्त निदेशक राजेश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने पुष्कर कॉरिडोर, महाराणा प्रताप सर्किट, झुंझुनूं स्थित वॉर म्यूजियम और आमेर मास्टर प्लान जैसी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कार्य की गति में वृद्धि करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन्हें पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया।
मीडिया बाइंग और राजस्थान पर्यटन के प्रचार-प्रसार पर चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोड शो आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान पर्यटन की व्यापक ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए नवीन तकनीकों, समसामयिक गतिविधियों तथा सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नवाचार और समयबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से ही राजस्थान वैश्विक पर्यटन प्रतिस्पर्धा में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।
बैठक का मुख्य आकर्षण 'एस्ट्रो टूरिज्म' को बढ़ावा देने की कार्ययोजना रही। एजेंसी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चर्चा की गई कि राजस्थान का स्वच्छ आकाश और न्यूनतम प्रकाश प्रदूषण इसे विश्व का सर्वश्रेष्ठ स्टारगेजिंग डेस्टिनेशन बनाता है। इस दिशा में जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर को स्टारगेजिंग हब के रूप में विकसित करने, पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्रों को 'डार्क स्काई रिज़र्व' घोषित करने तथा माउंट आबू में ऑब्जर्वेटरी टूरिज्म शुरू करने पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही, दुबई की तर्ज पर जैसलमेर-बाड़मेर को वर्ल्ड-क्लास डेजर्ट एडवेंचर हब बनाने हेतु योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उपमुख्यमंत्री ने 'विजिट राजस्थान इन समर्स' कैम्पेन, एआई आधारित टूरिज्म ऐप के निर्माण, मेड़ता स्थित मीरा बाई मंदिर के विकास, उदयपुर में वेडिंग प्रमोशन इवेंट एवं घूमर फेस्टिवल के आयोजन पर विस्तृत चर्चा की। इसके अतिरिक्त, 18 नवंबर 2027 को जयपुर स्थापना के 300 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष पर्यंत उत्सव मनाने हेतु रूपरेखा तैयार करने को कहा गया। बैठक में शेखावाटी की हवेलियों एवं जयपुर वॉल सिटी में फ्रेस्को पेंटिंग के माध्यम से सौंदर्यीकरण तथा राजसमंद, माउंट आबू, उदयपुर, जवाई एवं कुंभलगढ़ को 'पिक योर समर एस्केप' थीम के तहत विकसित करने का निर्णय लिया गया। यह दूरदर्शी पहल राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

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