Hindi Title: राजस्थान पर्यटन में उछाल, 3 महीने में पहुंचे 6 करोड़ से ज्यादा पर्यटक
वर्ष 2026 की पहली तिमाही में घरेलू पर्यटकों ने खाटूश्यामजी और विदेशी सैलानियों ने जयपुर के आमेर पैलेस को सबसे ज्यादा पसंद किया।

तस्वीर में उदयपुर की सहेलियों की बाड़ी में स्थित पानी का कुंड, फव्वारे और सफेद संगमरमर का गुंबददार मंडप दिखाई दे रहा है।
राजस्थान ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही में पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए देश और दुनिया के पर्यटकों के बीच अपनी मजबूत पहचान को एक बार फिर प्रमाणित किया है। जनवरी से मार्च 2026 के दौरान राज्य में कुल 6 करोड़ 19 लाख 86 हजार 185 पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं, जिनमें 6 करोड़ 12 लाख 87 हजार 727 घरेलू पर्यटक यात्राएं तथा 6 लाख 98 हजार 458 विदेशी पर्यटक यात्राएं शामिल हैं। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि राजस्थान आज भी भारत के सबसे प्रमुख पर्यटन राज्यों में अग्रणी स्थान बनाए हुए है, जहां घरेलू स्तर पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरासत, किले, महल एवं वन्यजीव पर्यटन प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ ने बताया कि जनवरी से मार्च 2026 के पर्यटन आंकड़ों का विश्लेषण यह संकेत देता है कि घरेलू और विदेशी पर्यटकों की प्राथमिकताओं में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है। देश के भीतर यात्रा करने वाले पर्यटकों ने धार्मिक एवं आस्था स्थलों को सर्वाधिक प्राथमिकता दी, जबकि विदेशों से आने वाले पर्यटकों ने राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर, शाही स्थापत्य, यूनेस्को विश्व धरोहर स्मारकों और वन्यजीव पर्यटन में अधिक रुचि दिखाई।
घरेलू पर्यटन में सीकर स्थित खाटूश्यामजी सबसे प्रमुख स्थल के रूप में उभरा, जहां तीन महीनों में 68 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके बाद करौली का कैलादेवी मंदिर 47 लाख 42 हजार 568 घरेलू पर्यटकों के साथ दूसरे स्थान पर तथा चित्तौड़गढ़ का सांवलियाजी मंदिर 28 लाख 70 हजार पर्यटकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। अजमेर का पुष्कर चौथे स्थान पर रहा। जैसलमेर ने भी अपनी पर्यटन विविधता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए जैसलमेर किला, रामदेवरा, सम सैंड ड्यून्स, पटवों की हवेली और तनोट माता मंदिर जैसे पांच स्थलों को राज्य के शीर्ष दस घरेलू पर्यटन स्थलों में स्थान दिलाया। इसके साथ ही अजमेर शरीफ दरगाह भी शीर्ष दस में शामिल रही, जो यह दर्शाता है कि राजस्थान में धार्मिक एवं आस्था आधारित पर्यटन अब भी मजबूत आधार बना हुआ है।
विदेशी पर्यटकों की पसंद का स्वरूप घरेलू पर्यटकों से भिन्न रहा। जयपुर का आमेर पैलेस 91,422 विदेशी पर्यटकों के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद जंतर-मंतर, जयपुर 80,820 विदेशी पर्यटकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मेहरानगढ़ किला, जोधपुर 38,834 पर्यटकों के साथ तीसरे स्थान पर, सिटी पैलेस, उदयपुर 36,850 के साथ चौथे स्थान पर तथा सहेलियों की बाड़ी, उदयपुर 34,480 पर्यटकों के साथ पांचवें स्थान पर रही। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान ने भी 30,829 विदेशी पर्यटकों के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त जगदीश मंदिर, उदयपुर 30,550, चांद बावड़ी, आभानेरी 29,030, जसवंत थड़ा, जोधपुर 26,117 तथा रणकपुर जैन मंदिर 25,593 विदेशी पर्यटकों के साथ शीर्ष दस में शामिल रहे। यह तथ्य स्पष्ट करता है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटक राजस्थान की शाही विरासत, ऐतिहासिक स्थापत्य, सांस्कृतिक विविधता और जैव विविधता की ओर निरंतर आकर्षित हो रहे हैं।
राठौड़ ने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि राजस्थान का पर्यटन अब केवल विरासत पर्यटन तक सीमित नहीं रहा। राज्य में धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन, रेगिस्तानी अनुभव, वन्यजीव पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहर एक-दूसरे के पूरक बनकर पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। यह विविधता राजस्थान को भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट और प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है।
जनवरी–मार्च 2026 के दौरान कुल पर्यटक यात्राओं में 6,19,86,185 यात्राएं दर्ज की गईं, जिनमें घरेलू पर्यटक यात्राएं 6,12,87,727 और विदेशी पर्यटक यात्राएं 6,98,458 रहीं। घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद खाटूश्यामजी (सीकर) और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद आमेर पैलेस (जयपुर) रही। शीर्ष दस घरेलू पर्यटन स्थलों में सर्वाधिक प्रतिनिधित्व जैसलमेर का रहा, जिसके पांच स्थल सूची में शामिल रहे, जबकि घरेलू पर्यटन का प्रमुख आधार धार्मिक एवं आस्था स्थल बने रहे और विदेशी पर्यटन का प्रमुख आकर्षण किले, महल, विरासत एवं वन्यजीव पर्यटन रहे।

Pratahkal Bureau
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