ऑनलाइन बुकिंग मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए 100 से अधिक पर्यटन स्थलों पर कैशलेस सुविधाएं और क्यूआर आधारित ई-टिकटिंग से पर्यटकों को मिल रही है विश्वस्तरीय सुविधा।

ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक वैभव और भौगोलिक विविधता के लिए प्रसिद्ध राजस्थान अब डिजिटल प्रगति के क्षेत्र में भी देश का मॉडल प्रदेश बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी और प्रगतिशील नेतृत्व में राज्य सरकार ई-गवर्नेंस के साथ डिजिटल नवाचारों को तेजी से आगे बढ़ा रही है, जिसका स्पष्ट प्रभाव पर्यटन क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। अब राजस्थान आधुनिक डिजिटल माध्यमों से ‘पधारो म्हारे देस’ का संदेश दे रहा है।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा विकसित ऑनलाइन बुकिंग मैनेजमेंट सिस्टम (ओ.बी.एम.एस.) देश का पहला और एकमात्र सरकारी मल्टी-साइट ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म बनकर सामने आया है। विदेशी और देशी पर्यटकों की बढ़ती रुचि को ध्यान में रखते हुए obms-tourist.rajasthan.gov.in पोर्टल और ओ.बी.एम.एस मोबाइल एप विकसित किए गए हैं, जिनके माध्यम से पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों, स्मारकों, संग्रहालयों, वन्यजीव अभयारण्यों, बायोलॉजिकल पार्कों, उद्यानों, सफारी, बोटिंग, कैफेटेरिया और होटलों की ऑनलाइन टिकट बुकिंग संभव हो रही है।

यह प्लेटफॉर्म पर्यटकों के लिए वन स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य कर रहा है, जहां क्यूआर-आधारित ई-टिकट बुकिंग और वैलिडेशन प्रणाली पूरी तरह कैशलेस और पेपरलेस सुविधा प्रदान करती है। ‘राजस्थान पैकेज’ और ‘जयपुर पैकेज’ सहित सिटी-आधारित कम्पोजिट पैकेज उपलब्ध हैं। साथ ही क्यूआर-आधारित ऑडियो गाइड, डिजिटल बोर्डिंग पास, एडवांस चेक-इन, ऑनलाइन फंड ट्रांसफर, कैंसलेशन और आसान रिफंड जैसी सुविधाएं उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बना रही हैं। स्मार्ट सर्च, इंटरएक्टिव मैप, रियल-टाइम डैशबोर्ड और एनालिटिक्स के जरिए पर्यटकों को एक क्लिक पर संपूर्ण जानकारी मिल रही है। फीडबैक सिस्टम के तहत ऑनलाइन शिकायत निवारण और आपातकालीन सेवाएं भी जोड़ी गई हैं।

ओ.बी.एम.एस. को देशी-विदेशी पर्यटकों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। 28 दिसंबर 2025 को एक दिन में लगभग 1 लाख टिकट बुकिंग का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। अब तक 90 लाख बुकिंग्स के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक पर्यटकों को सेवाएं दी जा चुकी हैं, जिनमें 70 से अधिक देशों के पर्यटक शामिल हैं। इस प्लेटफॉर्म के जरिए विभिन्न विभागों को 30 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए वर्ष 2025 में ओ.बी.एम.एस. को स्कॉच अवॉर्ड में सिल्वर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

राज्य सरकार ने अब तक 100 से अधिक पर्यटन स्थलों को इस पोर्टल से जोड़ा है। इनमें आमेर किला, जंतर मंतर, हवा महल, राजकीय संग्रहालय अल्बर्ट हॉल जैसे 47 पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के स्थल, सरिस्का टाइगर सफारी, झालाना लेपर्ड सफारी और नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क जैसे 21 वन विभाग के स्थल, चित्तौड़गढ़ और कुम्भलगढ़ किला लाइट एंड साउंड शो सहित आरटीडीसी के 4 स्थल, किशन बाग, मसाला चौक और सावन भादो बाग जैसे जयपुर विकास प्राधिकरण के 3 स्थल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के 7 स्थल, जवाहर कला केन्द्र के 15 स्थल और जयपुर मेट्रो आर्ट गैलरी शामिल हैं।

सरकार इस पहल का विस्तार कर रही है। जल्द ही आरटीडीसी होटलों की ऑनलाइन बुकिंग और जवाहर कला केन्द्र के कार्यक्रमों की टिकटिंग भी इस प्लेटफॉर्म पर शुरू होगी। इसके अलावा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के राजस्थान से बाहर के 150 से अधिक स्थलों को भी ऑनबोर्ड किया जा चुका है और बुकिंग सुविधा प्रक्रियाधीन है।

ओ.बी.एम.एस. ने पर्यटन सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, मैनुअल कार्यों को कम करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित किया है। यह पहल न केवल पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर रही है, बल्कि रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान डिजिटल नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Pratahkal Bureau

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