जयपुर, 18 मार्च 2026। जैन धर्म के प्रवर्तक एवं प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक (ऋषभ नवमी) 'तीर्थंकर दिवस' के सुअवसर पर राजस्थान के तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। इस विशेष दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश के तकनीकी महाविद्यालयों में भगवान ऋषभदेव के जीवन दर्शन पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से युवा वर्ग को अहिंसा, सत्य और श्रमण संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भगवान ऋषभदेव का संदेश तकनीकी शिक्षा के गलियारों में भी गूंज सके।

विभागीय आदेश और आयोजन की रूपरेखा

भगवान ऋषभदेव ने लोक व्यवहार को सुचारू रूप से चलाने के लिए तीन वर्णों की स्थापना की थी, जिनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए तकनीकी शिक्षा निदेशालय के निदेशक राजेश कुमार शर्मा ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय एवं निजी पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों सहित राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आदेश दिए गए हैं। इस निर्णय को जैन समुदाय और प्रदेश के सभी वर्गों ने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

तकनीकी महाविद्यालयों में विविध कार्यक्रमों का संगम

इन आयोजनों के अंतर्गत महाविद्यालयों में कार्यक्रमों की एक लंबी श्रृंखला निर्धारित की गई है। इसमें श्रमणों का प्रवचन और समूह चर्चा आयोजित की जाएगी। विद्यार्थी स्वरचित कविता पाठ, एकल गायन, वाद-विवाद और व्याख्यान माला के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति देंगे। साथ ही नाटक, मूक अभिनय, चित्रकला, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, निबंध लेखन, रचनात्मक लेखन और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों का आयोजन कर भगवान ऋषभदेव के जीवन मूल्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।

आदर्श जीवन से प्रेरणा का संदेश

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के संरक्षक जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि "ऐसे कार्यक्रमों से नवीन युवा वर्ग को देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के आदर्श जीवन और उनके कार्यों से प्रेरणा मिलेगी।" विभाग का यह कदम युवाओं को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से रूबरू कराने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार प्रदर्शन

जैन समुदाय एवं अल्पसंख्यक वर्ग के युवा वर्ग ने इस गौरवमयी निर्णय के लिए राजस्थान सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका, संयुक्त शासन सचिव महेन्द्र कुमार शर्मा, सहायक शासन सचिव हेमेन्द्र गोयल और मोहम्मद उसामा एवं तकनीकी शिक्षा के निदेशक राजेश कुमार शर्मा का धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।

Pratahkal Bureau

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