जयपुर, 28 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी प्रयासों से राजस्थान टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप टीबी उन्मूलन के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, जिसका प्रमाण ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। इस वर्ष 24 मार्च को आरंभ हुए इस अभियान के महज दो महीनों के भीतर प्रदेश भर में लगभग 19 लाख व्यक्तियों की स्क्रीनिंग पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सफलता पर बल देते हुए कहा कि ‘निरामय राजस्थान’ के विजन के तहत टीबी जैसी गंभीर बीमारी के समूल नाश के लिए सरकार व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, शीघ्र जांच, जन-जागरूकता, पोषण सहायता एवं सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी, उन्नत तकनीक और संवेदनशीलता के সমন্বित प्रयासों से राज्य टीबी के खिलाफ इस निर्णायक जंग को अवश्य जीतेगा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने अभियान के सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 24 मार्च से प्रदेश के 11,328 चिन्हित हाई रिस्क गांवों एवं वार्डों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब तक करीब 5 हजार आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 18.93 लाख से अधिक लोगों की टीबी जांच की गई। समयबद्ध एवं सटीक निदान सुनिश्चित करने हेतु 16.51 लाख चेस्ट एक्स-रे और 1.41 लाख से अधिक एनएएटी जांचें संपन्न की गईं। सक्रिय केस खोज (एक्टिव केस फाइंडिंग) गतिविधियों के माध्यम से 32,102 नए टीबी रोगियों की पहचान की गई, जिनमें 10,457 ऐसे मरीज शामिल थे जिनमें बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की वैज्ञानिक एवं सक्रिय कार्यप्रणाली को रेखांकित करती है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने उपचार की गुणवत्ता पर जानकारी देते हुए बताया कि डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के तहत 32 हजार से अधिक पात्र मरीजों में से 51 प्रतिशत यानी 16,500 से अधिक रोगियों का आकलन किया जा चुका है। टीबी संक्रमण की रोकथाम हेतु टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) का दायरा बढ़ाते हुए 12,535 व्यक्तियों को उपचार आरंभ किया गया है। पोषण सहायता कार्यक्रम के तहत 1 जनवरी 2026 से अब तक 46 हजार सहमति देने वाले टीबी मरीजों में से करीब 38 हजार लाभार्थियों को न्यूट्रिशन किट वितरित की गई है, जो 83 प्रतिशत की उपलब्धि है। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से अभियान अवधि में 2 हजार नए निक्षय मित्र पंजीकृत हुए हैं और सामुदायिक सहयोग से 34 हजार फूड बास्केट वितरित की गई हैं, जो समाज की संवेदनशीलता और सरकारी प्रयासों की साझी जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस अभियान को एक जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। राज्य भर में 7,500 स्कूल स्तरीय और 1,363 कॉलेज स्तरीय जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। इसमें एक हजार माय भारत स्वयंसेवकों एवं 7 हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है। राजस्थान ने वर्ष 2025 में 1.63 लाख टीबी मरीजों को अधिसूचित कर निर्धारित लक्ष्य का 102 प्रतिशत हासिल किया है। साथ ही, प्रदेश की 6,547 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित होना राज्य के लिए गौरव का विषय है, जो आने वाले समय में प्रदेश को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाने की ठोस नींव रखता है।

Pratahkal Newsroom

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