डूंगरपुर/जयपुर, 21 मई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जन-जन के आंदोलन के रूप में स्थापित स्वच्छ भारत अभियान को एक नई दिशा देते हुए, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल राज्य बनाने का दृढ़ संकल्प दोहराया है। मुख्यमंत्री गुरुवार को डूंगरपुर में आयोजित नागरिक अभिनंदन एवं स्वच्छता संदेश कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह समस्त देशवासियों का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वच्छ और स्वस्थ भारत के सपने को प्रधानमंत्री द्वारा जनभागीदारी के माध्यम से दी गई नई ऊर्जा पर विशेष बल दिया।

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि गांवों में शौचालय निर्माण, शहरों में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त अभियान और स्वच्छता के प्रति जागरूकता से देश में नई चेतना का संचार हुआ है, जिससे स्वच्छता अब मात्र एक व्यवस्था नहीं, अपितु संस्कार का हिस्सा बन गई है। इस संदर्भ में उन्होंने डूंगरपुर की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की धरती ने स्वच्छता आंदोलन को जनसहभागिता का उत्सव बनाकर एक नई पहचान दी है, जिसकी चर्चा आज सर्वत्र 'डूंगरपुर मॉडल' के रूप में हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसी मॉडल के अनुरूप प्रदेश के विकास, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देकर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

प्रदेश में ठोस कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग सिस्टम विकसित करने और घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की जानकारी दी। प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लिए विशेष अभियान चलाने के साथ-साथ नगर निकायों को तकनीक आधारित व्यवस्थाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 3 लाख व्यक्तिगत शौचालय और 5 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालय निर्मित किए गए हैं। साथ ही, 41 हजार से अधिक ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज और 21 जिलों में गोबरधन-परियोजना के अंतर्गत बायो-गैस संयंत्र स्थापित हुए हैं।

शहरी विकास के मोर्चे पर, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 168 नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना हेतु 454 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। प्रदेश में 348 पिंक टॉयलेट का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 356 नए पिंक टॉयलेट के लिए कार्यादेश दिए जा चुके हैं। स्वच्छता को स्वास्थ्य और पर्यटन से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने 10 नगरीय निकायों को 28 मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनें उपलब्ध कराने और सेवा पखवाड़ा के दौरान 5 हजार 845 चिकित्सा संस्थानों पर स्वच्छता शिविरों के आयोजन की जानकारी साझा की। उन्होंने डूंगरपुर और बांसवाड़ा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए 'स्वच्छ राजस्थान' पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक शंकरलाल डेचा, स्वच्छता एम्बेसडर के. के. गुप्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

Pratahkal HQ

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