केंद्र सरकार के 12 वर्षों के सुशासन और प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर राजस्थान के मंदिरों में गूंजेंगे विशेष मंत्र। मुख्यमंत्री और दिग्गज नेताओं की उपस्थिति में आयोजित होने वाले इस राज्यव्यापी अनुष्ठान की क्या है खास तैयारी? जानिए पूरी खबर।

केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 गौरवशाली वर्षों की पूर्णता और यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान में भक्ति और संकल्प का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। राज्य के देवस्थान विभाग ने इस अवसर को अविस्मरणीय बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं, जिसके तहत 10 जून को प्रदेशभर के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और यश की कामना करना है।

राज्यव्यापी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने हेतु देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने हाल ही में शासन सचिवालय में उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश, जिला और उपखंड स्तर के प्रमुख मंदिरों में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में मंत्रोच्चार और विशेष आरती का क्रम अनवरत चलेगा। मंत्री कुमावत ने इन मंगल आयोजनों में आम जनमानस, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। साथ ही, भीषण गर्मी के मद्देनजर मंदिरों में पेयजल, छाया, स्वच्छता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जयपुर के प्रतिष्ठित मोती डूंगरी मंदिर में आयोजित होगा, जहाँ मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा विशेष पूजा-अर्चना में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय मंत्री अल्का गुर्जर, सांसद मंजू शर्मा, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त, देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत सुमेरपुर स्थित श्री जोधेश्वर महादेव मंदिर में अनुष्ठान करेंगे। राजधानी के विभिन्न प्रमुख मंदिरों जैसे झारखंड महादेव मंदिर और श्रीब्रजनिधि मंदिर में भी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार और पूर्व मंत्रियों सहित अन्य वरिष्ठ नेता सम्मिलित होंगे।

यह आयोजन केवल एक सरकारी अनुष्ठान नहीं, बल्कि सुशासन के प्रति जनता की कृतज्ञता और एक राष्ट्र नायक के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। जिला और उपखंड स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक और पार्टी के पदाधिकारी नेतृत्व करेंगे। यह व्यापक स्तर पर आयोजित होने वाला राज्यव्यापी अनुष्ठान न केवल आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करेगा, बल्कि शासन और जन-भावना के बीच एक मजबूत सेतु भी स्थापित करेगा।

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