जयपुर। राजस्थान राज्य बीज निगम ने अपने प्रशासनिक ढांचे में शुचिता और पारदर्शिता को सर्वोपरि रखते हुए एक कड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। निगम के अशासकीय निदेशक जुगल किशोर को तत्काल प्रभाव से निदेशक मंडल की सदस्यता से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई तब अमल में लाई गई है, जब जुगल किशोर का नाम भ्रष्टाचार से जुड़े एक गंभीर मामले में सामने आया और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा उन्हें गिरफ्तार किया गया।

घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर गौर करें तो जुगल किशोर का मनोनयन निगम की 47वीं वार्षिक साधारण सभा में 10 फरवरी 2026 को निदेशक मंडल में किया गया था। उन्हें जनविश्वास और संस्थागत लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, हालिया घटनाक्रम में एसीबी द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद निगम प्रबंधन के समक्ष साख और पारदर्शिता को बनाए रखने की चुनौती उत्पन्न हो गई थी। निगम ने बिना किसी विलंब के कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें उनके पद से मुक्त कर दिया है।

निगम प्रबंधन ने इस निर्णय के पीछे अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए कहा है कि सार्वजनिक संस्थाओं की गरिमा और किसानों के प्रति जवाबदेही सर्वोपरि है। संस्था ने भ्रष्टाचार के प्रति 'शून्य सहिष्णुता' (जीरो टॉलरेंस) की नीति को अपनाते हुए यह स्पष्ट किया है कि नैतिक मूल्यों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निगम का मानना है कि उच्च नैतिक मानकों का पालन करना न केवल संस्था की आवश्यकता है, बल्कि यह जनहित में भी अनिवार्य है। इस निर्णय के साथ ही निगम ने यह भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी किसानों और हितधारकों के हितों की रक्षा तथा संस्थान की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाते रहेंगे।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story