राजस्थान सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026: मुख्यमंत्री ने किया निवेश और नवाचार का आह्वान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आर्मेनिया के सहयोग से आयोजित समिट में स्टार्टअप्स के लिए नीतियों के सरलीकरण और 8 लाख करोड़ के निवेश कार्यों की जानकारी दी।

जयपुर, 27 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान प्रौद्योगिकी, डिजिटल गवर्नेंस और स्टार्टअप इकोसिस्टम के क्षेत्र में भारत के अग्रणी राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शुक्रवार को जयपुर के निजी होटल में आयोजित राजस्थान सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि "हम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। राजस्थान आज निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार द्वारा नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे निवेशक आसानी से अपना उद्यम यहां स्थापित कर सके।" मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे राजस्थान में निवेश कर राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बने तथा आत्मनिर्भर तथा विकसित भारत के विजन को साकार करें।
नवाचार और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के नए आयाम
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान आज सीमाओं से परे भी नवाचार और साझेदारी में आगे बढ़ रहा है। आर्मेनिया गणराज्य तथा सूचना प्रौद्योगिकी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित यह समिट इसी पहल का सुखद परिणाम है। इस समिट के माध्यम से नवप्रवर्तक, निवेशक, नीति-निर्माता और उद्यमी जुड़कर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और सीमाओं से परे परस्पर सहयोग का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज इनोवेशन तथा उद्यमशीलता के क्षेत्र में नई ऊंचाईयां छू रहा है। उनका मानना है ‘भारत के लिए नवाचार करें और भारत से नवाचार करें।’ हमारी सरकार प्रधानमंत्री के इसी सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।" उन्होंने जानकारी दी कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान 35 लाख करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित किए गए थे, जिसमें से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य प्रारंभ भी हो चुका है।
आई-स्टार्ट और उभरती प्रौद्योगिकियों का विस्तार
प्रदेश की तकनीकी प्रगति पर प्रकाश डालते हुए श्री शर्मा ने बताया कि राजस्थान एआई, डीपटेक और उभरती प्रौद्योगिकियों से लेकर मशीन लर्निंग, डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार "हमारी सरकार द्वारा पिछले दो सालों में आई-स्टार्ट के माध्यम से प्रदेश में 3 हजार 450 से अधिक स्टार्टअप्स पंजीकृत हो चुके हैं।" वर्तमान में एनिमेशन, गेमिंग, एक्सटेंडेड रियलिटी और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अटल इनोवेशन स्टूडियों से स्मार्ट गवर्नेंस तथा बेहतर सेवा वितरण को प्रोत्साहन मिला है। वहीं, स्टार्टअप हब्स को टिंकरिंग लैब, डीप-टेक लैब्स, डेटा एवं एआई लैब्स से लैस करने के लिए बजट 2026-27 में पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है।
सतत औद्योगिक विकास और नीतिगत सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश सतत औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से अग्रसर है। हाल ही में राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 एवं राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी-2026 को कैबिनेट में अनुमोदन किया गया है। साथ ही, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 के अंतर्गत पात्र उद्यमों को प्रीमियम में 75 प्रतिशत की छूट की अधिसूचना जारी की गई है। सरकार ने प्रशासनिक सुगमता के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और वन स्टॉप शॉप के ऑनलाइन पोर्टल 'राजनिवेश' का एकीकरण किया है। वर्तमान में राजनिवेश पोर्टल पर 49 हजार करोड़ रुपये के 2 हजार से अधिक प्रस्तावों के लिए अनुमति जारी की जा चुकी है।
युवा सशक्तीकरण और शैक्षणिक स्तर पर प्रोत्साहन
युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के युवाओं की तरफ आशा से देख रही है और सरकार उनके सशक्तीकरण के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। राज्य में राजस्थान युवा नीति और रोजगार नीति लागू की गई है। साथ ही, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की भी शुरूआत की गई है ताकि युवा स्वयं रोजगार प्रदाता बन सकें। इस योजना के तहत राज्य के 18 से 45 वर्ष की आयु के युवाओं को ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करके उद्यमिता की ओर प्रेरित किया जाएगा। स्टार्टअप इकोसिस्टम की नींव मजबूत करने के लिए 33 जिलों में स्कूल और कॉलेज स्तर पर 65 लॉन्चपैड विकसित किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रशासनिक दृष्टिकोण
इस अवसर पर आर्मेनिया गणराज्य के राजदूत श्री वहागन आफ्यान ने कहा कि "भारत और आर्मेनिया के बीच तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर सहयोग किया जा रहा है। इस समिट के माध्यम से विचार एवं पूंजी, तकनीक एवं मार्केट तथा दो देशों के लोगों को एक साथ आने का अवसर मिलेगा, जिससे तकनीक आधारित नीतियों के निर्माण में सहायता मिलेगी।" उन्होंने राजस्थान के सक्रिय नेतृत्व की सराहना की। समिट में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि "मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार डिजिटल आधारित नवाचारों तथा स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री द्वारा दी गई ‘न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन’ की अवधारणा को साकार करने में तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।" उन्होंने बताया कि स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए डिजीफेस्ट का आयोजन किया गया था ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और नवाचार उद्यमिता को नई दिशा मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्मेनिया एवं राजस्थान के विभिन्न स्टार्टअप फाउण्डर्स से संवाद भी किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रशासनिक सुधार श्री दिनेश कुमार, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग श्री हिमांशु गुप्ता सहित निवेशक, उद्यमी और विभिन्न स्टार्टअप्स के संस्थापक उपस्थित रहे।

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