मानसून सत्र-2026 के दौरान संभावित बाढ़, भारी जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) पूरी तरह एक्शन मोड में है। एसडीआरएफ ने राज्य के 35 आपदा संभावित जिलों में अपनी 70 अत्याधुनिक रेस्क्यू टीमों की तैनाती कर दी है। सभी टीमों को स्थानीय जिला प्रशासन के साथ मजबूत समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित, प्रभावी और मानवीय राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी क्रम में एसडीआरएफ राजस्थान के कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने जिला दौसा में तैनात रेस्क्यू टीम की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय, दौसा का दौरा किया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों एवं जवानों के साथ विस्तृत बैठक कर मानसून के दौरान संभावित आपदाओं, बाढ़ बचाव, जलभराव वाले हॉटस्पॉट, तेज बहाव वाले क्षेत्रों में रेस्क्यू संचालन की रणनीतियों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने रेस्क्यू टीम के अधिकारियों और जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पूर्ण समर्पण, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बल के मूल मंत्र ‘आपदा सेवार्थ कटिबद्धता’ को दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक कार्मिक के कार्य और व्यवहार में यह प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में आमजन को त्वरित, प्रभावी और मानवीय सहायता उपलब्ध कराना एसडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कमांडेंट के निर्देशानुसार एसडीआरएफ के सभी डिप्टी कमांडेंट और सहायक कमांडेंट भी विभिन्न जिलों में तैनात रेस्क्यू टीमों का लगातार आकस्मिक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान टीमों की कार्यकुशलता के साथ-साथ जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, जिनमें आवास, भोजन, ईंधन, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक संसाधन शामिल हैं, का भी बारीकी से मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जा सके।

दौसा में आयोजित इस उच्च स्तरीय निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान कमांडेंट एसडीआरएफ के साथ दौसा जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल भी उपस्थित रहे। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन को लेकर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें आपसी समन्वय के साथ चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर कार्य करेंगी।

एसडीआरएफ ने स्पष्ट किया है कि मानसून सत्र-2026 के दौरान किसी भी आपात स्थिति, बाढ़ अथवा जल-संकट से निपटने के लिए बल के सभी जवान पूरी तरह प्रशिक्षित, सजग और प्रतिबद्ध हैं। राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य उपलब्ध कराने के लिए एसडीआरएफ निरंतर मुस्तैद रहेगी।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story