राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु प्रशासनिक तत्परता अब धरातल पर दिखने लगी है। इसी क्रम में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित 'राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181)' स्टेट कंट्रोल रूम का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शासन सचिव ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि स्वयं हेडफोन लगाकर परिवादियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान कार्यों में घोर लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने दो ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 17 सीसीए के तहत चार्जशीट जारी करने के कड़े निर्देश प्रदान किए हैं।

निरीक्षण के दौरान डॉ. जोगाराम ने कंट्रोल रूम में प्रस्तुत 24 गंभीर शिकायतों की समीक्षा की, जिनमें से 11 प्रकरणों में उन्होंने सीधे परिवादियों से फोन पर वार्ता कर फीडबैक लिया। संवाद के दौरान मात्र 2 परिवादियों ने निस्तारण पर संतोष व्यक्त किया, जबकि शेष शिकायतों में असंतोषजनक कार्रवाई पाए जाने पर शासन सचिव ने उन्हें तत्काल 'रिओपन' करने के आदेश दिए। विभागीय सख्ती का पहला मामला सीकर जिले की फतेहपुर पंचायत समिति के नबीपुरा गांव से सामने आया, जहां परिवादी श्री राम प्रताप द्वारा दर्ज कराई गई साफ-सफाई की शिकायत का निस्तारण कागजों में तो कर दिया गया, लेकिन धरातल पर नियमित सफाई न होने से परिवादी क्षुब्ध था। इस पर शासन सचिव ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी की कार्यशैली को दोषपूर्ण मानते हुए चार्जशीट के निर्देश दिए। वहीं, टोंक जिले की उनियारा पंचायत समिति के सेदरी गुजरान (मोहम्मद पुरा गांव) निवासी श्री किशन लाल द्वारा एक वर्ष पूर्व मकान के पट्टे हेतु आवेदन करने के बावजूद पट्टा जारी न करने के गंभीर मामले में भी संबंधित ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध 17 सीसीए की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

संपर्क पोर्टल की प्रभावशीलता का उल्लेख करते हुए आंकड़ों के माध्यम से बताया गया कि पिछले एक वर्ष में विभाग को कुल 2,93,802 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 2,80,996 का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, जो 95.64 प्रतिशत की प्रभावी सफलता दर को दर्शाता है। डॉ. जोगाराम ने हेल्पलाइन 181 के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित और क्रिटिकल श्रेणी की शिकायतों की सूचना संबंधित अधिकारियों को एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से तत्काल भेजी जाए ताकि समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। इस निरीक्षण के दौरान राज्य नोडल अधिकारी श्री राम चंद्र सैनी एवं सहायक आयुक्त भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की इस अनूठी पहल से अब राज्य के नागरिक घर बैठे ही अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर रहे हैं, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुदृढ़ हुई है।

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