राजस्थान में सहकार सप्ताह शुरू: सहकारिता मंत्री ने 'राजसहकार' ऐप किया लॉन्च
सहकारिता विभाग के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एम-पेक्स नवाचार और 'भारत टैक्सी' सेवा समेत विभिन्न लोक-कल्याणकारी घोषणाएं की गईं।

तस्वीर में सहकारिता विभाग के कार्यक्रम के दौरान अधिकारी 'प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र' के पोस्टर प्रदर्शित करते हुए नजर आ रहे हैं।
जयपुर, 29 जून। सहकारिता वह सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा आम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना संभव है। इसी ध्येय के साथ, किसान को समृद्ध और खुशहाल बनाने की दिशा में सहकार सप्ताह का राज्य स्तरीय कार्यक्रम नेहरू सहकार भवन में गरिमापूर्ण ढंग से शुरू हुआ। भारत सरकार द्वारा 6 जुलाई, 2021 को सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था और अब मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में यह सप्ताह आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए सहकारिता मंत्री श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना सरकार का प्राथमिक ध्येय है। उन्होंने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि किसानों को शोषण से मुक्ति दिलाकर मुख्यधारा में लाने का संपूर्ण श्रेय सहकारिता को जाता है। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के लगभग 25 हजार सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री दक ने कहा कि अब एम-पेक्स 114 से अधिक नवाचारों को अपना सकती है और किसानों को उनके डोर-स्टेप पर सेवायें उपलब्ध कराने में सक्षम है। उन्होंने प्रदेश में खुशहाल किसान और विकसित राजस्थान के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि बदलाव की यह बयार निरन्तर जारी रहनी चाहिए।
सहकारिता मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में जल्द ही सहकारी माॅडल पर आधारित 'भारत टैक्सी' सेवा शुरू की जाएगी। यह सेवा विश्वसनीय, किफायती और सुरक्षित होने के साथ-साथ 'सर्ज-फ्री' प्राइसिंग माॅडल पर आधारित है। उन्होंने रेखांकित किया कि सहकारिता की ताकत का ही परिणाम है कि भारत टैक्सी के फीचर्स से प्रेरित होकर अन्य निजी कम्पनियां भी अपने माॅडल में बदलाव करने को मजबूर हैं। इसके अतिरिक्त, सहकारी सेवाओं में कुशलता और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उन्होंने 'राजसहकार' मोबाइल एप्प का भी लोकार्पण किया। इस एप्प के माध्यम से अधिकारी त्वरित ढंग से आवेदनों का निस्तारण कर सकेंगे, जिससे आवेदकों को अपने आवेदन की रियल टाइम जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
इस अवसर पर शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डाॅ. समित शर्मा ने विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए 'केपीआई' (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स) जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और आमजन को मिलने वाली सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित की जा सकेगी। डाॅ. शर्मा ने 'सहकार से समृद्धि' कार्यक्रम को ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र में आर्थिक बदलाव का आधार बताते हुए कहा कि इसके तहत सहकारी समितियों को किसान समृद्धि केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
राजफैड के प्रबंध निदेशक एवं 'सहकार से समृद्धि' के राज्य समन्वयक श्री सौरभ स्वामी ने बताया कि 'म्हारो खातो-म्हारो बैंक' अभियान के अंतर्गत दुग्ध समितियों के खाते जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों में खुलवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मार्च, 2027 तक 12 हजार माइक्रो एटीएम वितरित करने का लक्ष्य है, जिससे दुग्ध उत्पादकों को डोर-स्टेप बैंकिंग की सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम के समापन पर 'सहकार से समृद्धि' विषय पर एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसने सहकारिता की विकास यात्रा को जीवंत कर दिया।

