राजस्थान: भजनलाल सरकार ने बिछाया सड़कों का जाल, 37527 करोड़ रुपये खर्च
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पीडब्ल्यूडी ने 51,790 किमी सड़कों का विकास किया। अटल प्रगति पथ और आरओबी से ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

राजस्थान में सड़क विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा।
जयपुर, 27 अक्टूबर। राजस्थान में सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 37,527 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर 51,790 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का विकास किया है। इसके साथ ही 9,704 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 18,917 किलोमीटर लंबाई की नई सड़कें बनाई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 1,760 गांवों और 21 बसावटों को डामर सड़कों से जोड़ा गया है, जबकि अटल प्रगति पथों के निर्माण से गांवों में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप सड़क संपर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों और शहरों के बीच संपर्क बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है।
वर्तमान सरकार ने 18,917 किलोमीटर लंबाई की नई सड़कों के निर्माण पर 9,704 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 603 किलोमीटर लंबाई के कार्यों पर 4,210 करोड़ रुपये और राज्य राजमार्गों एवं मुख्य जिला सड़कों के विकास के लिए 8,318 किलोमीटर लंबाई के कार्यों पर 11,302 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
सितम्बर-अक्टूबर, 2026 के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के सभी 41 जिलों में सार्वजनिक निर्माण विभाग के 3,040 करोड़ रुपये की लागत वाले 1,763 कार्यों का शिलान्यास किया जा चुका है। वहीं, 371 करोड़ रुपये की लागत वाले 261 कार्यों का लोकार्पण भी किया गया है। इन कार्यों से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क और आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण सड़कों पर 12,311 करोड़ रुपये से अधिक खर्च
राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने पर विशेष ध्यान दे रही है। ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए 23,952 किलोमीटर लंबाई के कार्यों पर 12,311 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। इसके तहत 1,760 गांवों और 21 बसावटों को डामर सड़कों से जोड़ा गया है। इससे ग्रामीण आबादी को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ कृषि, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए संपर्क व्यवस्था बेहतर हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में धूल, कीचड़ और जलभराव की समस्याओं से राहत दिलाने के लिए अटल प्रगति पथ योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में 765 अटल प्रगति पथों के निर्माण के लिए 1,686 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। इनमें से 335 अटल प्रगति पथों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को 31 जनवरी, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नॉन-पेचेबल और मिसिंग लिंक सड़कों के कार्यों में तेजी
राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 में नॉन-पेचेबल सड़कों के नवीनीकरण और नए मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए 3,453 कार्यों के तहत 2,226 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की हैं। इनमें से 2,836 कार्यों के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से 6,815 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और नया निर्माण किया जा रहा है।
वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त पुलियाओं की मरम्मत के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इसके तहत 21 जिलों के 73 विधानसभा क्षेत्रों में 58 करोड़ रुपये की लागत से 424 निर्माण कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे।
आरओबी, आरयूबी और एलिवेटेड रोड से यातायात को मिलेगी सुविधा
प्रदेश में सड़क नेटवर्क को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे क्रॉसिंग और पुलों से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है। राज्य में 13 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और 17 रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 39 आरओबी और 12 आरयूबी के कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अलावा 13 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है और 13 पुलों का निर्माण कार्य जारी है।
भरतपुर शहर में हीरादास चौराहे से कुम्हेर गेट चौराहे तक तथा काली बगीची चौराहे से बिजलीघर चौराहे होते हुए आरबीएम अस्पताल तक एलिवेटेड रोड का निर्माण जारी है। जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में मुहाना मोड़ पर भी एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य प्रगतिरत है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण पर हजारों करोड़ रुपये खर्च
राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के तहत 1,900 करोड़ रुपये खर्च कर 610 किलोमीटर लंबाई के 26 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, 3,220 करोड़ रुपये की लागत से 303 किलोमीटर लंबाई के 26 कार्य प्रगतिरत हैं।
वार्षिक योजना 2026-27 के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर 12,461 करोड़ रुपये की लागत से 623 किलोमीटर लंबाई के कार्यों का अनुमोदन किया गया है। इनमें से 3,920 करोड़ रुपये की लागत से 190 किलोमीटर लंबाई के चार कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है।
आधुनिक तकनीक से सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी
राज्य सरकार सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी प्रणालियों और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सीसीटीवी कैमरों, सेंसर और अन्य उपकरणों की मदद से यातायात की वास्तविक समय में निगरानी और प्रबंधन किया जा रहा है।
ऑनलाइन निगरानी प्रणाली ‘सुगम पथ’ और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग इन्फॉर्मेशन सिस्टम (पीएमआईएस) के जरिए सड़क परियोजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के 165 टोल प्लाजा पर फास्टैग सुविधा स्थापित की गई है, जिससे टोल भुगतान की प्रक्रिया अधिक सुगम हुई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सड़क विकास से जुड़े निर्माण कार्यों, ग्रामीण संपर्क मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों, पुलों और एलिवेटेड रोड परियोजनाओं को गति दी जा रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य गांवों, कस्बों और शहरों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़कर सुरक्षित आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को अंतिम छोर तक पहुंचाना है।

