राजस्थान में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, नई रेल लाइनों, आमान परिवर्तन, दोहरीकरण और विद्युतीकरण से जुड़ी परियोजनाओं को नई गति मिलने का दावा करते हुए राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा है कि केंद्र सरकार के प्रयासों से राज्य में रेलवे विकास अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्यसभा में उनके सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान में चल रही रेलवे परियोजनाओं, बजट आवंटन और विद्युतीकरण की प्रगति से संबंधित विस्तृत जानकारी सदन के समक्ष रखी।

मदन राठौड़ ने बताया कि वर्ष 2009-14 के दौरान राजस्थान को औसतन 682 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष रेल बजट मिलता था, जबकि वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 10,228 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 15 गुना वृद्धि है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद राज्य में रेलपथ निर्माण की गति भी दोगुने से अधिक हुई है। वर्ष 2009-14 के दौरान 798 किलोमीटर रेलपथ का निर्माण हुआ था, जबकि वर्ष 2014-26 के दौरान 3,886 किलोमीटर रेलपथ का निर्माण किया गया।

उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार राजस्थान में 47,498 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 32 रेलवे परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 15 नई रेल लाइनें, 5 आमान परिवर्तन तथा 12 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 3,447 किलोमीटर है, जिनमें से 1,322 किलोमीटर का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। मार्च 2026 तक इन परियोजनाओं पर 23,245 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।

मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय रेल का विद्युतीकरण मिशन मोड में किया जा रहा है और देश में लगभग 99.6 प्रतिशत ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पहले लगभग 60 वर्षों में 21,801 मार्ग किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ था, जबकि वर्ष 2014 से 2026 के बीच 48,072 मार्ग किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया। अब सभी नई रेल लाइन एवं बहुपथ परियोजनाओं को विद्युतीकरण सहित स्वीकृत किया जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि मारवाड़–फुलाद–गोरमघाट–कमलीघाट रेलखंड वर्तमान में मीटर गेज लाइन है। इस क्षेत्र को ब्रॉड गेज संपर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मारवाड़ जंक्शन से देवगढ़ मदारिया तक टोडगढ़–रावली (72 किलोमीटर) के रास्ते नई रेल लाइन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार होने के बाद राज्य सरकार, नीति आयोग एवं वित्त मंत्रालय सहित विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन प्राप्त कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि देवगढ़ मदारिया–नाथद्वारा (मावली) 83 किलोमीटर आमान परिवर्तन एवं विद्युतीकरण परियोजना स्वीकृत है। मार्च 2026 तक इस परियोजना पर 702.26 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा वर्ष 2026-27 के लिए 303 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। नाथद्वारा से उदयपुर तक का रेलखंड पहले से ही ब्रॉड गेज एवं विद्युतीकृत है। वहीं नाथद्वारा–लावा सरदारगढ़ खंड में भूमि अधिग्रहण पूर्ण हो चुका है तथा अधिकांश प्रमुख पुल, सड़क पुल और स्टेशन भवनों का निर्माण पूरा हो गया है। इसके अलावा लावा सरदारगढ़–देवगढ़ मदारिया खंड में भी लगभग सम्पूर्ण भूमि अधिग्रहण हो चुका है तथा पुलों, सड़क पुलों एवं स्टेशन भवनों के निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।

मदन राठौड़ ने बताया कि रेल मंत्रालय की ओर से राजस्थान में हाल ही में पूर्ण हुई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में सूरतपुरा–श्रीगंगानगर, सादुलपुर–बीकानेर, जयपुर–चूरू–सीकर–लोहारू आमान परिवर्तन, भगत की कोठी–लूनी, रानी–मारवाड़, आबूरोड–स्वरूपगंज, अलवर–बांदीकुई, अजमेर–बांगड़ग्राम सहित अनेक दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में पुष्कर–मेड़ता नई लाइन, तरंगा हिल–आबूरोड नई लाइन, रामगंजमंडी–भोपाल नई लाइन, नीमच–बड़ी सादड़ी नई लाइन, अजमेर–चित्तौड़गढ़ आमान परिवर्तन, लूनी–भीलड़ी दोहरीकरण, अजमेर–चंदेरिया दोहरीकरण, सवाई माधोपुर–जयपुर दोहरीकरण तथा नागदा–मथुरा तीसरी एवं चौथी लाइन जैसी महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ राजस्थान को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मारवाड़–मेवाड़ क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं को गति मिलने से क्षेत्र के पर्यटन, व्यापार, उद्योग एवं आमजन को व्यापक लाभ मिलेगा। साथ ही केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान में रेलवे विकास को और गति मिलने की बात भी उन्होंने कही।

Pratahkal Newsroom

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