राजस्थान में बिजली और सौर ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि, 34 माह की उपलब्धियां
भजनलाल सरकार ने 34 महीने के कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता 10,920 मेगावाट और सौर ऊर्जा क्षमता 28,303 मेगावाट बढ़ाने का दावा किया है।

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऊर्जा और सौर ऊर्जा सेक्टर की उपलब्धियों की समीक्षा की।
जयपुर, 23 अक्टूबर। राजस्थान में बिजली उत्पादन क्षमता से लेकर सौर ऊर्जा और पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार तक राज्य सरकार ने 34 माह के कार्यकाल में कई उपलब्धियां हासिल करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा की संभावनाओं का उपयोग करने और भविष्य की बिजली जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचा मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, भाजपा सरकार के 34 माह के कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में 10,920 मेगावाट और सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28,303 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बिजली उत्पादन और सौर ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि राज्य सरकार की नीतियों के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के दो ब्लॉक में बिजली मिल रही है। कस्बों से लेकर गांव-ढाणियों तक गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में विद्युत तंत्र कुप्रबंधन का शिकार रहा, डिस्कॉम्स घाटे में रहे और उपभोक्ताओं को बिजली के लिए परेशानी उठानी पड़ी।
बिजली उत्पादन क्षमता में 10,920 मेगावाट की वृद्धि
राज्य सरकार के अनुसार, भाजपा सरकार ने बिजली और पानी जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए तय रोडमैप के तहत काम किया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले 34 माह में राज्य के उपयोग के लिए बिजली उत्पादन क्षमता में 10,920 मेगावाट की वृद्धि हुई है। इसके मुकाबले पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में 3,958 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई थी।
सरकार का दावा है कि पूरे पांच वर्ष के कांग्रेस शासन की तुलना में भाजपा सरकार के 34 माह के कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता की वृद्धि पौने तीन गुना रही है। वहीं, कांग्रेस सरकार के शुरुआती 34 माह से तुलना करने पर यह आंकड़ा लगभग पांच गुना से अधिक है।
सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28,303 मेगावाट की बढ़ोतरी
राजस्थान में सौर ऊर्जा की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार पर जोर दे रही है। सरकार के अनुसार, भाजपा शासन के 34 माह में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28,303 मेगावाट की वृद्धि हुई है। इसके मुकाबले पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पहले 34 माह में यह वृद्धि 3,985 मेगावाट थी, जबकि उसके पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 14,878 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई थी।
राज्य सरकार का कहना है कि सौर ऊर्जा के विस्तार से प्रदेश की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मजबूत आधार तैयार हो रहा है। बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ विद्युत प्रसारण नेटवर्क को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ग्रिड सब-स्टेशनों के विस्तार में तेजी
बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ उसका सुचारु प्रसारण सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में उच्च क्षमता वाले विद्युत सब-स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार के अनुसार, भाजपा सरकार के 34 माह के कार्यकाल में 400 केवी क्षमता के दो, 220 केवी क्षमता के नौ और 132 केवी क्षमता के 51 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।
इसके मुकाबले पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच वर्ष के पूरे कार्यकाल में 400 केवी क्षमता का एक, 220 केवी क्षमता के पांच और 132 केवी क्षमता के 38 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए गए थे।
इसी तरह, भाजपा सरकार के कार्यकाल में 33 केवी के 532 सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं, पूर्ववर्ती सरकार के शुरुआती 34 माह में 33 केवी के 477 सब-स्टेशन स्थापित हुए थे। इन आंकड़ों के जरिए राज्य सरकार ने बिजली उत्पादन, प्रसारण नेटवर्क और वितरण से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया है।
पीएम कुसुम योजना में राजस्थान देश में अग्रणी
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना के तहत भी राजस्थान ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार के अनुसार, योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 5.57 गीगावॉट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है, जो देश में सर्वाधिक है। इस योजना से 3 लाख 78 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
सरकार का कहना है कि पीएम कुसुम योजना के जरिए सौर ऊर्जा के विकेंद्रीकृत उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति में सुधार
राजस्थान में बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार का भी दावा किया गया है। राज्य सरकार के अनुसार, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में डिस्कॉम्स की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। अजमेर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 825 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जयपुर डिस्कॉम ने 931 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया।
राज्य सरकार के मुताबिक, बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि, सौर ऊर्जा का विस्तार, उच्च क्षमता वाले ग्रिड सब-स्टेशनों की स्थापना और डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति में सुधार प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन प्रयासों के जरिए राजस्थान उद्योगों, निवेश और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक ऊर्जा आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने तथा विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प की ओर आगे बढ़ने पर जोर दे रहा है।

