व्हाट्सएप प्राइवेसी के लिए राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी, ऐसे सुरक्षित रखें डेटा
Rajasthan Police issues crucial WhatsApp security advisory to curb cyber crime

जयपुर, 22 मई। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान डिजिटल युग में एक छोटी सी लापरवाही या अज्ञानता के कारण नागरिकों की निजी चैट, फोटो, वीडियो, बैंकिंग डेटा सहित अन्य संवेदनशील जानकारियां साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती हैं।
साइबर शाखा के अनुसार हैकर्स और साइबर ठगों के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए प्रत्येक उपयोगकर्ता को अपने व्हाट्सएप अकाउंट में कुछ आवश्यक प्राइवेसी सेटिंग्स को तुरंत सक्रिय करना चाहिए। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification) को सबसे मजबूत सुरक्षा कवच बताते हुए इसे अनिवार्य रूप से चालू करने की सलाह दी है। इसके लिए यूजर्स को व्हाट्सएप की Settings > Account में जाकर एक गोपनीय PIN सेट करना होता है। इस फीचर के सक्रिय होने के बाद यदि कोई अपराधी सिम कार्ड का क्लोन भी तैयार कर लेता है, तब भी बिना PIN के अकाउंट एक्सेस संभव नहीं होगा।
इसके साथ ही एडवाइजरी में प्राइवेसी सेटिंग्स को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है, जिसके तहत प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस और ग्रुप्स के विकल्प को My Contacts पर सीमित रखने की सलाह दी गई है, ताकि अनजान व्यक्ति इन जानकारियों का दुरुपयोग न कर सके और न ही किसी फर्जी ग्रुप में जोड़ सके। साइबर विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि व्हाट्सएप पर भेजी जाने वाली वायरस या मालवेयर युक्त APK और PDF फाइलें मीडिया ऑटो-डाउनलोड ऑन होने की स्थिति में अपने आप डिवाइस में सेव हो जाती हैं और बैकग्राउंड में सक्रिय होकर बैंकिंग डेटा तक चोरी कर सकती हैं। इससे बचाव के लिए Storage and Data सेटिंग में जाकर Media Auto-Download को पूरी तरह बंद करने की अपील की गई है।
साइबर क्राइम शाखा ने आगे अनजान नंबरों से आने वाली स्पैम और इंटरनेशनल स्कैम कॉल्स से सुरक्षा के लिए Silence Unknown Callers फीचर को सक्रिय करने की सलाह दी है। इसके साथ ही इंटरनेट लोकेशन (IP Address) को सुरक्षित रखने हेतु एडवांस प्राइवेसी में जाकर Protect IP Address in Calls विकल्प को ऑन करने पर कॉल व्हाट्सएप सर्वर के माध्यम से रूट होगी, जिससे वास्तविक लोकेशन सुरक्षित रहेगी।
इसके अतिरिक्त नागरिकों को समय-समय पर अपने व्हाट्सएप के Linked Devices विकल्प की जांच करने की भी सलाह दी गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका अकाउंट किसी अन्य कंप्यूटर या अज्ञात डिवाइस पर अनधिकृत रूप से उपयोग तो नहीं हो रहा है। किसी भी संदिग्ध डिवाइस के पाए जाने पर तुरंत Log out करने की हिदायत दी गई है।
साइबर शाखा ने आमजन से अपील की है कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचित करें। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह एडवाइजरी डिजिटल सुरक्षा के प्रति बढ़ते खतरों के बीच आम नागरिकों को सतर्क और सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
