राजस्थान में अकेले और असहाय जीवन जी रहे वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा और भरोसा देने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस का "वरिष्ठ जन संबल कार्यक्रम" संवेदनशील पहल के रूप में सामने आया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस टीमें जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में घर-घर जाकर बुजुर्गों का हाल-चाल जान रही हैं, उन्हें सुरक्षा का भरोसा दे रही हैं और उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर हर संभव सहायता का आश्वासन दे रही हैं। अभियान के दौरान पुलिस के सामने ऐसे कई मार्मिक प्रसंग भी आए हैं, जो बदलते सामाजिक रिश्तों और बुजुर्गों के स्वाभिमान की तस्वीर पेश करते हैं।

इसी अभियान के दौरान सरवाड़ थाना पुलिस की टीम नागोला रोड, सरवाड़ निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग राजसिंह जी भटनागर पुत्र देवी सिंह भटनागर के घर पहुंची। पुलिस ने जब उनका कुशलक्षेम पूछा तो उन्होंने अपनी जीवन कहानी साझा की। राजसिंह जी ने बताया कि उनके चार बेटे और एक बेटी हैं। बेटी अपने ससुराल में खुशहाल जीवन बिता रही है, जबकि चारों बेटे उनसे अलग रहते हैं। करीब नौ महीने पहले उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया, जिसके बाद से वे पूरी तरह अकेले रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटों ने उनके सामने शर्त रखी कि यदि वे अपनी जमीन-जायदाद उनके नाम कर देंगे तभी वे उन्हें अपने साथ रखेंगे, अन्यथा नहीं। राजसिंह जी ने इस शर्त को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया और बेटों से स्पष्ट कहा कि जब तक वे जीवित हैं, उनकी संपत्ति उनके ही नाम रहेगी। इस स्वाभिमानी निर्णय के बाद बेटों ने उन्हें अपने साथ रखने से मना कर दिया।

परिस्थितियों के बावजूद राजसिंह जी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने बाड़े में एक कमरा बनाकर वहीं रहने का निर्णय लिया। वे अपने बाड़े में तीन देशी गायें रखते हैं। दैनिक जीवन की आवश्यकताओं के लिए उन्होंने चांदोलाई निवासी सांवरलाल प्रजापत को 10,000 रुपये प्रतिमाह पर काम के लिए रखा हुआ है, जो उनके लिए भोजन तैयार करता है और गायों की देखभाल भी करता है। पुलिस से बातचीत के दौरान राजसिंह जी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे अपने बेटों या किसी से कोई शिकायत नहीं है, मैं यहां आराम से और सम्मान से रह रहा हूं।"

वरिष्ठ जन संबल कार्यक्रम केवल सरवाड़ तक सीमित नहीं है। अजमेर पुलिस की टीमें जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अकेले रह रहे बुजुर्गों तक पहुंच रही हैं। इसी क्रम में पुलिस टीम सोमलपुर पहुंची, जहां 72 वर्षीय बुजुर्ग दुला पुत्र कालू से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। पुलिस ने उन्हें बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हुए समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।

इसी तरह गेगल थाना क्षेत्र के लाडपुरा गांव में पुलिस ने 76 वर्षीय बुजुर्ग मूल सिंह पुत्र जगमाल सिंह के घर पहुंचकर उनसे विस्तार से बातचीत की, उनका हाल-चाल जाना और भरोसा दिलाया कि किसी भी आपात स्थिति या परेशानी में वे सीधे थाने के नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। पुलिस ने आश्वस्त किया कि सूचना मिलते ही तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अजमेर पुलिस के वरिष्ठ जन संबल कार्यक्रम की व्यापक सराहना हो रही है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी वरिष्ठ नागरिक स्वयं को अकेला या असहाय महसूस न करे। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि अपने आसपास रहने वाले अकेले बुजुर्गों का ध्यान रखें। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों से कहा गया है कि यदि उन्हें सुरक्षा संबंधी कोई समस्या हो या कोई उन्हें परेशान करे तो वे बिना संकोच अपने निकटतम पुलिस थाने या अजमेर पुलिस के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। अजमेर पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वह हर परिस्थिति में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए तत्पर रहेगी।

Pratahkal Bureau

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