राजस्थान पुलिस का यातायात नियमों के उल्लंघन पर बड़ा अभियान, 9,523 वाहनों पर कार्रवाई
यातायात नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ पुलिस ने प्रदेश भर में सघन नाकेबंदी कर काली फिल्म, अवैध नंबर प्लेट और हूटर लगे वाहनों पर की दंडात्मक कार्रवाई।

राजस्थान में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा प्रदेश भर में चलाई गई विशेष नाकेबंदी के दौरान वाहनों की जांच की जाती हुई।
राजस्थान की सड़कों पर यातायात नियमों को ताक पर रखकर रौब झाड़ने वालों के खिलाफ पुलिस ने अपना 'महा-अभियान' और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में रविवार, 07 जून को छुट्टी के दिन भी पुलिस महकमे ने अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए प्रदेश भर में सघन नाकेबंदी की और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 9,523 वाहनों के खिलाफ सख्त दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई को अंजाम दिया। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन और डीजी ट्रैफिक श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध साधनों के माध्यम से रसूख दिखाने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक मामले वाहनों के शीशों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत लगी काली फिल्म और दोषपूर्ण नंबर प्लेटों के पाए गए। आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस ने 3,491 वाहनों से काली फिल्म हटवाई, जबकि 2,643 वाहनों पर नियमों के विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने के लिए कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द या चिह्न लिखने वाले 1,313 वाहन, अवैध संरचनात्मक बदलाव (बॉडी मॉडिफिकेशन) वाले 811 वाहन, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती या हूटर का उपयोग करने वाले 741 वाहन तथा ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 524 प्रेशर हॉर्न के खिलाफ भी कड़ी विधिक प्रक्रिया अपनाई गई।
विभिन्न जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो कोटा शहर पुलिस 830 वाहनों पर कार्रवाई कर प्रदेश में अग्रणी रही। वहीं, बूंदी पुलिस ने भी सक्रियता दिखाते हुए 459 वाहनों का चालान किया, जिनमें अवैध बत्ती और फ्लैशर के 101 मामले शामिल थे। जयपुर कमिश्नरेट में 450 वाहनों पर कार्रवाई की गई, जिसमें सर्वाधिक 275 मामले काली फिल्म के थे। जयपुर संभाग के अंतर्गत कोटपुतली-बहरोड़ जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 372 वाहनों को पाबंद किया। जोधपुर कमिश्नरेट और संभाग के जिलों में भी पुलिस का चाबुक जमकर चला, जहां जोधपुर कमिश्नरेट में 184 और जैसलमेर जिले में 140 वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए गए।
डॉ. मीणा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गाड़ियों पर अवैध रूप से पद या जाति का नाम लिखना, रसूख दिखाने के लिए हूटर का उपयोग करना और काली फिल्म का सहारा लेना कानूनन अपराध है। पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में और अधिक कड़ाई के साथ जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे कानून सम्मत तरीके से ही वाहनों का संचालन करें, ताकि सड़कों पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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