यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने 22 दिनों में 1.71 लाख वाहनों का चालान किया। काली फिल्म और अवैध नंबर प्लेट के खिलाफ सघन जांच अभियान जारी है।

राजस्थान की सड़कों को सुरक्षित और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस द्वारा छेड़ा गया विशेष प्रवर्तन अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, राज्यभर की यातायात और जिला पुलिस टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों पर उतरी हैं। इस व्यापक महा-अभियान की कमान महानिदेशक पुलिस (यातायात) श्री अनिल पालीवाल स्वयं संभाल रहे हैं, जिनके नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों का दल लगातार प्रभावी निगरानी कर रहा है। यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध की जा रही यह कठोर कार्रवाई पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी एल मीणा द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, यह विशेष अभियान 04 जून 2026 से 25 जून 2026 तक संचालित किया गया। इस 22 दिनों की अवधि में पुलिस ने पूरे प्रदेश में कुल 1,71,727 वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मचा दिया है। अभियान के दौरान सबसे अधिक ध्यान उन वाहनों पर केंद्रित रहा जिनमें अवैध काली फिल्म का प्रयोग किया गया था, जिसके अंतर्गत कुल 63,298 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह के 43,461, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द चिन्ह व लेखन के 24,033, वाहनों की संरचना में अवैध परिवर्तन के 18,159, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व हूटर के 13,586 तथा प्रेशर हॉर्न के 9,190 मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

अभियान की निरंतरता को दर्शाते हुए, केवल 25 जून को ही पुलिस ने 5,982 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की। इस एक दिन में 1,792 काली फिल्म, 1,416 गलत नंबर प्लेट, 953 अवैध संरचना परिवर्तन, 892 अनाधिकृत लेखन, 599 लाल-नीली बत्ती व हूटर और 330 प्रेशर हॉर्न के मामलों में दंड अधिरोपित किया गया। क्षेत्रीय स्तर पर सक्रियता की बात करें तो अजमेर जिला 590 कार्रवाई के साथ सर्वाधिक अग्रणी रहा। वहीं, राजधानी जयपुर कमिश्नरेट के पांचों क्षेत्रों में कुल 1,098 वाहन चालकों पर नियम तोड़ने के आरोप में कार्रवाई की गई। इनके अलावा झुंझुनूं में 373, जयपुर ग्रामीण में 326, चित्तौड़गढ़ में 228, कोटपूतली-बहरोड़ में 213 और दौसा में 212 मामलों में पुलिस की सख्ती देखने को मिली।

राजस्थान पुलिस ने एक बार पुनः स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का पालन मात्र नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व भी है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करें और वाहनों में अनाधिकृत उपकरणों के उपयोग से बचें। यह विशेष अभियान भविष्य में भी इसी कठोरता के साथ जारी रहेगा, ताकि प्रदेश की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और अनुशासित बनाया जा सके। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कानून का शिकंजा लगातार कसा रहेगा।

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