राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग में 403 नए पदों का सृजन, पदोन्नति का रास्ता साफ
राजस्थान सरकार ने चालक, बैंड और घुड़सवार शाखाओं में उच्च पदों का पुनर्गठन किया है, जिससे लंबे समय से लंबित पदोन्नति की बाधाएं दूर होंगी।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग के पुनर्गठन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिसकर्मियों को सेवा समर्पण का बड़ा उपहार दिया है। राज्य बजट घोषणा 2026-27 की समयबद्ध क्रियान्विति करते हुए गृह विभाग द्वारा 23 जून 2026 को जारी स्वीकृति के माध्यम से तकनीकी संवर्ग में 403 उच्च पदों का सृजन किया गया है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के विशेष प्रयासों से संचालित इस कैडर पुनर्गठन के निर्णय से लंबे समय से लंबित पदोन्नति की बाधाएं दूर हुई हैं, जिससे चालक, घुड़सवार और बैंड शाखाओं में कार्यरत पुलिसकर्मियों को अब सिविल पुलिस के समान ही समयानुसार पदोन्नति के समुचित अवसर प्राप्त होंगे।
तकनीकी संवर्ग के लिए यह निर्णय एक ऐतिहासिक बदलाव है, क्योंकि लंबे समय से उच्च पदों में वृद्धि न होने के कारण इन शाखाओं में कार्यरत कार्मिकों के पदोन्नति अवसर बेहद सीमित थे। स्थिति यह थी कि तकनीकी संवर्ग में नियुक्त कॉन्स्टेबल वर्षों तक एक ही पद पर कार्य करने को मजबूर थे, जबकि उसी वर्ष सिविल पुलिस में भर्ती हुए उनके साथी सहायक उपनिरीक्षक के पद तक पहुंच चुके थे। इस विसंगति को समाप्त करते हुए सरकार ने कुल 403 पदों को उच्च पदों में पुनर्गठित किया है। स्वीकृत आदेशों के अनुसार, चालक संवर्ग में 331 पदों का पुनर्गठन किया गया है, जिनमें 16 पद पुलिस निरीक्षक/सी.सी, 62 पद उप निरीक्षक/पी.सी तथा 253 पद हेड कॉन्स्टेबल के शामिल हैं। इसी प्रकार बैंड शाखा में 69 उच्च पद बढ़ाए गए हैं, जिसमें 17 उप निरीक्षक/पी.सी और 52 हेड कॉन्स्टेबल के पद सम्मिलित हैं। घुड़सवार वर्ग में भी उप निरीक्षक/पी.सी के 3 उच्च पदों की वृद्धि की गई है।
इस पुनर्गठन के पश्चात सिविल, आईबी, दूरसंचार और आरएसी/एमबीसी चालक शाखाओं में पुलिस निरीक्षक/सी.सी के पदों की संख्या 17 से बढ़कर 33, उप निरीक्षक/पी.सी के 108 से बढ़कर 170 तथा हेड कॉन्स्टेबल के पद 1046 से बढ़कर 1299 हो गए हैं। साथ ही, सिविल और आरएसी/एमबीसी बैंड में उप निरीक्षक के पद 10 से 27 और हेड कॉन्स्टेबल के पद 141 से 193 किए गए हैं। सिविल घुड़सवार उप निरीक्षक के पदों को भी 1 से बढ़ाकर 4 कर दिया गया है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने इस निर्णय को पुलिस बल को आधुनिक, दक्ष और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पुनर्गठन से न केवल कार्मिकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि पुलिस की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। राज्य सरकार का यह प्रयास प्रशासनिक सुधार और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के साथ-साथ राजस्थान पुलिस के सुदृढ़ीकरण के संकल्प को प्रतिध्वनित करता है।

