राजस्थान की सड़कों पर वीआईपी संस्कृति के नाम पर नियमों को दरकिनार करने और यातायात व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर अब राजस्थान पुलिस का चाबुक जोर-शोर से चल रहा है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद राज्यभर में चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान ने यातायात नियमों को तोड़ने वालों में हड़कंप मचा दिया है। महानिदेशक पुलिस (यातायात) अनिल पालीवाल के निरंतर पर्यवेक्षण में 4 जून से 26 जून 2026 तक चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने 1,77,034 वाहनों पर कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा के प्रति एक कड़ा संदेश दिया है।

इस सघन अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 23 दिनों की अवधि में पुलिस ने अनगिनत अनियमितताओं को चिन्हित किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी. एल. मीणा के अनुसार, इस दौरान वाहनों पर अवैध काली फिल्म लगाने के 64,906 मामले, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह के 44,635 मामले और वाहनों पर अनधिकृत शब्द एवं लेखन के 24,709 मामले दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, वाहनों की संरचना में अवैध बदलाव के 19,050, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और हूटर के 14,255 तथा प्रेशर हॉर्न के 9,479 मामलों में चालान बनाकर जुर्माना वसूला गया।

अभियान के तहत 26 जून को हुई कार्रवाई ने रिकॉर्ड स्थापित किया, जब एक ही दिन में पूरे प्रदेश में 5,307 वाहनों के विरुद्ध सख्ती बरती गई। इसमें 1,608 वाहनों से काली फिल्म हटाई गई और 1,174 वाहनों की नंबर प्लेट को नियमों के अनुरूप किया गया। जिलावार आंकड़ों में अजमेर का प्रदर्शन सबसे प्रभावी रहा, जहां एक ही दिन में 711 वाहनों पर कार्रवाई हुई, जिसमें 342 अनाधिकृत लाइट और हूटर के मामले शामिल थे। राजधानी जयपुर में भी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी। जयपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत 1,270 और जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में 321 वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। विशेष रूप से जयपुर पश्चिम क्षेत्र में 596 वाहनों पर कार्रवाई कर पुलिस ने कानून व्यवस्था की मजबूती प्रदर्शित की।

पुलिस प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि यह अभियान केवल जुर्माने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। डीजी अनिल पालीवाल ने साफ किया है कि नियमों की यह अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी यह प्रवर्तन अभियान जारी रहेगा। आमजन से की गई अपील में स्पष्ट कहा गया है कि सुरक्षित सफर के लिए यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य है। कानून का अनुपालन ही सड़कों पर व्यवस्था और सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।

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