राजस्थान पुलिस अभियान: अवैध वाहनों पर कार्रवाई, 8,448 चालकों के काटे चालान
राजस्थान में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर पुलिस ने कसा शिकंजा। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर 8,448 वाहन चालकों पर हुई बड़ी कार्रवाई। क्या आपकी गाड़ी भी नियमों के दायरे से बाहर है?

राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेशव्यापी विशेष यातायात अभियान के दौरान नियम विरुद्ध चल रहे वाहनों को जब्त कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई की गई।
जयपुर: महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान ने अपने आठवें दिन एक व्यापक असर दिखाया है। सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस प्रदेशव्यापी अभियान के तहत पुलिस ने नियम विरुद्ध चल रहे 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की है। यह अभियान न केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसने का माध्यम बना है, बल्कि आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सशक्त प्रयास भी है।
डीजी ट्रैफिक श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान के संदर्भ में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी. एल. मीणा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस बल ने उन सभी उल्लंघनों को चिन्हित किया जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। इनमें वाहनों में किए गए अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोक लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म और नंबर प्लेटों पर लिखे गए आपत्तिजनक शब्द या चिन्ह प्रमुख हैं।
आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सबसे अधिक अनदेखी की जा रही है। अभियान के दौरान सबसे अधिक 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर लगी काली फिल्म के विरुद्ध की गई। इसके अतिरिक्त, वीआईपी स्टाइल में नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 चालक, गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से पद, जाति या अन्य शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग और बिना अनुमति चेसिस या बॉडी में बदलाव करवाने वाले 861 वाहन चालक पुलिस की कार्रवाई की जद में आए। सड़कों पर रौब झाड़ने के लिए अवैध लाल-नीली बत्ती या हूटर का उपयोग करने वाले 544 मामले दर्ज किए गए, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर व एयर हॉर्न के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया गया। इसके साथ ही, पटाखे जैसी आवाज करने वाली बुलेट मोटरसाइकिलों पर भी पुलिस की पैनी नजर है।
अभियान के दौरान प्रदर्शन की बात करें तो कोटा शहर 572 कार्रवाइयों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। इसके पश्चात अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311 और भरतपुर में 309 मामले दर्ज किए गए। जयपुर और जोधपुर सहित अन्य जिलों में भी ट्रैफिक पुलिस ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कदम उठाए हैं।
महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को इस अभियान को निरंतर जारी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है। राजस्थान पुलिस का मूल ध्येय दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता का प्रसार कर राज्य में एक सुरक्षित, अनुशासित और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।

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