राजस्थान पुलिस का बड़ा अभियान: 7 दिन में 744 हार्डकोर अपराधी गिरफ्तार, साइबर ठगों से 2.45 करोड़ रुपये बरामद
राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान के पहले सात दिनों में 744 हार्डकोर अपराधी गिरफ्तार हुए, जबकि साइबर ठगों से 2.45 करोड़ रुपये बरामद कर बड़ी कार्रवाई की गई।

तस्वीर में राजस्थान पुलिस के जवान एक मकान के बाहर खड़े हैं और एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास के निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करते हुए राजस्थान पुलिस ने 20 जुलाई से 20 अगस्त, 2026 तक पूरे प्रदेश में एक माह का विशेष अभियान शुरू किया है। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना, हार्डकोर एवं वांछित अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना, नशा तस्करी, साइबर अपराध, अवैध हथियार, अवैध खनन तथा अन्य संगठित अपराधों पर निर्णायक अंकुश लगाना, सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाना और जनभागीदारी के माध्यम से सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। अभियान के पहले सात दिनों में ही राजस्थान पुलिस ने विभिन्न मोर्चों पर व्यापक कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारने का दावा किया है।
महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान पिछले एक सप्ताह में पुलिस टीमों ने दबिश देकर चिह्नित 1,715 हार्डकोर अपराधियों के विरुद्ध 529 प्रभावी कानूनी एवं निरोधात्मक कार्रवाई की। इस दौरान 744 हार्डकोर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के मामले में जोधपुर रेंज 331 अपराधियों के साथ प्रथम स्थान पर रही, जबकि उदयपुर रेंज ने 100 अपराधियों को गिरफ्तार कर दूसरा और बीकानेर रेंज ने 67 अपराधियों को गिरफ्तार कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। अजमेर रेंज और जयपुर आयुक्तालय ने 60-60 अपराधियों को गिरफ्तार किया।
नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 339 प्रकरण दर्ज कर 477 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बीकानेर रेंज में सर्वाधिक 83 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 110 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा जयपुर आयुक्तालय में 48, कोटा रेंज में 41 तथा जयपुर रेंज में 34 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज किए गए।
साइबर अपराध के खिलाफ भी राजस्थान पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की। अभियान के दौरान 1,245 साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 258 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने साइबर ठगों से 2 करोड़ 45 लाख 77 हजार 652 रुपये की राशि बरामद की, जबकि 86 लाख 83 हजार 843 रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। बरामद राशि के मामले में जयपुर आयुक्तालय ने 68 लाख रुपये से अधिक तथा जयपुर रेंज ने 58 लाख रुपये से अधिक की राशि बरामद की।
अवैध हथियारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आर्म्स एक्ट के तहत 132 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें भरतपुर रेंज में 42, जयपुर रेंज में 21 और बीकानेर रेंज में 19 प्रकरण प्रमुख रहे। वहीं अवैध खनन के विरुद्ध पूरे प्रदेश में 260 प्रकरणों में कार्रवाई की गई, जिनमें अजमेर रेंज में 73 तथा जयपुर रेंज में 53 मामले दर्ज हुए। शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 170 बीएनएस के तहत 3,337 मामलों में कार्रवाई भी की गई।
यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेशभर में 9 हजार 683 प्रभावी नाकाबंदी पॉइंट स्थापित कर 2 लाख 90 हजार 201 वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 86 हजार 793 वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। इनमें बिना हेलमेट 2 लाख 5 हजार 874 वाहन चालकों, बिना सीट बेल्ट 5,275 वाहन चालकों, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 4,587 चालकों तथा काली फिल्म लगे 7,182 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए कुल 2 लाख 66 हजार 600 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें तेज गति से वाहन चलाने पर 39,199, शराब पीकर वाहन चलाने पर 5,622, बिना हेलमेट 46,906, ओवरलोड वाहनों पर 80,734 तथा अन्य मामलों में 94,139 कार्रवाई शामिल हैं।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे प्रदेश में 3,199 जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने और पुलिस-पब्लिक संवाद बढ़ाने के उद्देश्य से 3,199 जागरूकता अभियान संचालित किए गए तथा 551 कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (सीएलजी) बैठकों का आयोजन भी किया गया।
महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस प्रदेश में कानून-व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने, संगठित अपराध, नशा तस्करी, साइबर ठगी और महिला अपराधों पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर आधारित यह विशेष अभियान 20 अगस्त तक इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा। उनका कहना है कि पुलिस का लक्ष्य अपराधियों के मन में कानून का खौफ कायम करना और आमजन के मन में पुलिस के प्रति अटूट विश्वास को मजबूत करना है।

