राजस्थान में विशेष सड़क सुरक्षा अभियान: 6 दिनों में 50 हजार से अधिक वाहनों पर कार्रवाई
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई कार्रवाई, काली फिल्म और अवैध मॉडिफिकेशन पर पुलिस सख्त।

राजस्थान में विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक कार की तलाशी लेते और चालान दस्तावेज जांचते पुलिसकर्मी। (फोटो साभार: राजस्थान पुलिस)
राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में संचालित विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के तहत मात्र छह दिनों में 50,174 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई दर्ज की गई है। यह आंकड़ा न केवल अभियान की व्यापकता को दर्शाता है, बल्कि यातायात नियमों के उल्लंघन के प्रति पुलिस की सख्त नीति का भी स्पष्ट संकेत है।
अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई वाहनों के शीशों पर अवैध रूप से काली फिल्म लगाने के मामलों में की गई। पुलिस ने ऐसे 19,694 वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े नियमों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और पंजीयन चिन्ह प्रदर्शित करने वाले 13,046 वाहन भी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आए। वहीं वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह अथवा अन्य प्रकार के लेखन प्रदर्शित करने के 6,791 मामलों में भी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 4,757 वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, जिनमें बॉडी और चेसिस में नियमों के विपरीत बदलाव शामिल थे, पाए गए और उनके खिलाफ भी प्रवर्तन किया गया।
यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले अन्य मामलों में अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट और हूटर का उपयोग करने वाले 3,244 वाहनों पर कार्रवाई दर्ज की गई। वहीं ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा के मद्देनजर प्रेशर हॉर्न तथा एयर हॉर्न का उपयोग करने वाले 2,642 वाहन चालकों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा।
अभियान के छठे दिन कार्रवाई का सबसे बड़ा आंकड़ा सामने आया, जब एक ही दिन में 10,825 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान 4,220 वाहनों पर ब्लैक फिल्म, 2,449 वाहनों पर नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और 1,784 वाहनों पर अनाधिकृत लेखन को लेकर कार्रवाई दर्ज की गई।
राजस्थान पुलिस द्वारा अपनाई गई ‘पहले समझाइश, फिर सख्ती’ की रणनीति इस अभियान में प्रभावी साबित होती दिखाई दी है। पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह अभियान लगातार जारी है। छह दिनों में सामने आए ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अब किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।

Pratahkal Bureau
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