राजस्थान पुलिस की अपराध शाखा ने सूबे में उत्कृष्ट पुलिसिंग की मिसाल पेश करते हुए और उल्लेखनीय सफलता हासिल करने वाले सात पुलिसकर्मियों को कुल 60 हजार रुपये का नकद इनाम एवं प्रशंसा पत्र प्रदान करने की घोषणा की है। विभाग द्वारा यह बड़ा सम्मान एक ओर जहां लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे एक खूंखार इनामी अपराधी को दबोचने वाली टीम को दिया गया है, वहीं दूसरी ओर सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों से गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने वाले साइबर सेल के जांबाज कार्मिकों को भी पुरस्कृत किया गया है।

इस बड़ी कार्रवाई और पुरस्कार की विस्तृत जानकारी देते हुए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, अपराध शाखा श्री बिपिन कुमार पाण्डेय ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, वर्ष 2021 के एक बेहद चर्चित आपराधिक प्रकरण में वांछित और लंबे समय से कानून से भाग रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश रामनिवास पुत्र राणाराम विश्नोई निवासी पीपाड़ जिला जोधपुर की गिरफ्तारी की गई है। इस बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण धरपकड़ में विशेष और अदम्य साहसपूर्ण योगदान देने वाले पांच जांबाज पुलिसकर्मियों को कुल 50 हजार रुपये का नकद इनाम स्वीकृत किया गया है।

अपराधियों के खिलाफ बुने गए इस चक्रव्यूह और कार्रवाई में शामिल कार्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शाहपुरा, भीलवाड़ा के कांस्टेबल रामस्वरूप को 15 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही पुलिस थाना हनुमान नगर के सहायक उप निरीक्षक दुर्गालाल, कार्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शाहपुरा के कांस्टेबल धोला राम तथा साइबर सेल कार्यालय पुलिस अधीक्षक के कांस्टेबल समर्थ को उनकी सक्रिय भूमिका के लिए 5-5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है। वहीं, इस पूरी कार्रवाई में अद्वितीय वीरता और सूझबूझ का परिचय देने वाली चित्तौड़गढ़ कोतवाली की महिला कांस्टेबल सोनु मेहता को सर्वाधिक 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है।

अपराध शाखा की इस चौतरफा कार्रवाई का दूसरा सबसे सराहनीय पहलू डीडवाना-कुचामन जिले की साइबर सेल से सामने आया है। यहां पदस्थापित सजग पुलिसकर्मियों द्वारा केंद्र सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का बेहतरीन और तकनीकी रूप से सटीक इस्तेमाल किया गया। इन जवानों ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोनों को न केवल ट्रेस किया, बल्कि कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें राजस्थान के बाहर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों से भी बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कर दिया। साइबर स्पेस में की गई इस उल्लेखनीय और जनहितैषी कार्रवाई के लिए टीम के सहायक उप निरीक्षक प्रेम प्रकाश और महिला कांस्टेबल निशा कंवर को विभाग की ओर से 5-5 हजार रुपये का नकद इनाम एवं उच्च स्तरीय प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा उठाए गए इस कदम की महत्ता को रेखांकित करते हुए एडीजी श्री बिपिन कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट रूप से कहा कि उत्कृष्ट और साहसिक कार्य करने वाले जांबाज पुलिसकर्मियों का यह सम्मान न केवल पूरे पुलिस बल के मनोबल और हौसले को नई उड़ान देने वाला है, बल्कि यह विभाग के अन्य कार्मिकों को भी भविष्य में और बेहतर तथा निष्ठापूर्वक कार्य करने की ऊर्जावान प्रेरणा देता है। उन्होंने साफ किया कि राजस्थान पुलिस विभाग भविष्य में भी आमजन की सुरक्षा और अपराधियों के दमन के लिए किए जाने वाले ऐसे सभी सराहनीय और उत्कृष्ट कार्यों को पूरी तत्परता से प्रोत्साहित और पुरस्कृत करता रहेगा।

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