राजस्थान पुलिस का 6 माह का रिपोर्ट कार्ड: अपराधों में गिरावट, साइबर-ड्रग्स पर बड़ा प्रहार
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने राजस्थान पुलिस का 6 माह का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, अपराधों में गिरावट, साइबर-नशा मामलों पर सख्त कार्रवाई का खुलासा।

जयपुर में राजस्थान पुलिस अकादमी में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने राज्य पुलिस का छह महीने का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और तकनीक आधारित पुलिसिंग में हासिल उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस अब केवल घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध रोकथाम, आर्थिक रूप से अपराधियों की कमर तोड़ने और स्मार्ट पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
डीजीपी ने बताया कि 2025 की प्रथम छमाही और 2026 की समान अवधि की तुलना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज कुल मामलों में 4.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 99272 मामले घटकर 94652 रह गए हैं। वहीं स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों में 49087 से बढ़कर 51172 केस दर्ज हुए, जो 4.25 प्रतिशत की वृद्धि है और पुलिस की सक्रिय कार्रवाई को दर्शाता है।
अपराधों के अलग-अलग शीर्षकों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। हत्या के मामलों में 4.41 प्रतिशत की कमी के साथ आंकड़ा 703 से 672 पहुंचा। हत्या के प्रयास में 11.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1288 से 1145 मामले दर्ज हुए। डकैती में 43 से घटकर 36 मामले (16.28 प्रतिशत कमी) और लूट की घटनाओं में 577 से 462 (19.93 प्रतिशत कमी) दर्ज की गईं। अपहरण के मामलों में 5211 से 4965 (4.72 प्रतिशत कमी), वयस्क दुष्कर्म मामलों में 2088 से 1809 (13.36 प्रतिशत कमी) तथा पॉक्सो एक्ट मामलों में 1651 से 1306 (20.90 प्रतिशत कमी) दर्ज हुई। एससी/एसटी एक्ट के तहत मामलों में भी 3121 से घटकर 2534 प्रकरण दर्ज हुए, जो 18.81 प्रतिशत की गिरावट है।
संपत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस की बरामदगी दर में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिला है। लूट मामलों में बरामदगी 71 प्रतिशत से बढ़कर 79.09 प्रतिशत पहुंच गई। नकबजनी में यह दर 9.58 प्रतिशत से बढ़कर 58.24 प्रतिशत तथा चोरी में 10.34 प्रतिशत से बढ़कर 24.79 प्रतिशत हो गई।
नशा, हथियार और आबकारी मामलों में भी सख्त कार्रवाई की गई। आबकारी अधिनियम के तहत 24310 से बढ़कर 24811 मामले (2.06 प्रतिशत वृद्धि), आर्म्स एक्ट में 6428 से बढ़कर 6700 (4.23 प्रतिशत वृद्धि) और एनडीपीएस एक्ट में 7195 मामलों के साथ 29.94 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई, जो संगठित नशा तस्करी पर कड़े प्रहार को दर्शाती है।
महिला सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने उल्लेखनीय परिणाम दर्ज किए हैं। छेड़छाड़ के मामलों में 5407 से घटकर 5059 (6.44 प्रतिशत कमी), दुष्कर्म मामलों में 2088 से 1809 (13.36 प्रतिशत कमी) और पॉक्सो मामलों में 20.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। साथ ही अनुसंधान समय में बड़ी कमी आई है। पॉक्सो मामलों में औसत जांच समय 78.2 दिन से घटकर 51.2 दिन और दुष्कर्म मामलों में 81 दिन से घटकर 52 दिन रह गया है।
साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को भी विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया। राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा AI आधारित 1930 कॉल सेंटर की स्थापना प्रक्रियाधीन है। साइबर हेल्पलाइन 1930 की 53 लाइनें 24x7 तीन शिफ्टों में कार्यरत हैं। दो व्हाट्सएप नंबर 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए गए हैं।
प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर थाने स्थापित किए जा चुके हैं। 10 जनवरी 2026 से 5 लाख रुपये तक के मामलों में जीरो-एफआईआर सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 405 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज हुई हैं। वर्ष 2025 में 147384 साइबर शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि 30 जून 2026 तक 84916 शिकायतें प्राप्त हुईं। वर्ष 2025 में 3432 प्रकरणों में 768.7 करोड़ रुपये की राशि होल्ड की गई, जिसका होल्ड प्रतिशत 23.54 से बढ़कर 26.47 प्रतिशत हो गया।
डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। वर्ष 2023 से जून 2026 तक 136 प्रकरण दर्ज कर 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 52.23 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड की गई। CEIR पोर्टल के माध्यम से 1.84 लाख गुमशुदा मोबाइल ट्रेस किए गए, जिनमें 61346 मोबाइल लौटाए गए। इसके अलावा 1.25 लाख सिम और 1.19 लाख IMEI ब्लॉक किए गए।
नशे के खिलाफ त्रिस्तरीय रणनीति के तहत भी बड़े परिणाम सामने आए। वर्ष 2025 में 69 और 2026 में 23 इस्तगासों के माध्यम से कार्रवाई की गई। कुल 34 प्रकरणों में 83 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। 224 चिन्हित हॉटस्पॉट (किंगपिन) पर विशेष कार्रवाई की गई। 2025 में 66 मामलों में 55.01 करोड़ रुपये और 2026 में 15 मामलों में 7.36 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
एटीएस राजस्थान ने आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए यूएपीए के तहत 3 प्रकरण दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। विस्फोटक मामलों में 7 प्रकरणों में 7 गिरफ्तारी, हथियार मामलों में 5 प्रकरणों में 7 गिरफ्तारी और मादक पदार्थ मामलों में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। फर्जी आधार कार्ड गिरोह पर कार्रवाई में 66 आईटी एक्ट सूचनाओं का निस्तारण हुआ। सोशल मीडिया पर 728 संदिग्धों की निगरानी की गई और 15 युवाओं की डी-रेडिकलाइजेशन प्रक्रिया शुरू हुई। 25 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर 4.65 लाख रुपये की इनामी राशि वितरित की गई।
प्रशासनिक सुधार के तहत तकनीकी संवर्ग में 403 पदों का पुनर्गठन 23 जून 2026 को किया गया, जिससे चालक, घुड़सवार और बैंड शाखाओं में पदोन्नति के अवसर खुले।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा कि CID (CB) और ANTF के जरिए एनडीपीएस एक्ट के बड़े तस्करों की अवैध संपत्तियों को BNSS की धारा 107, BNS की धारा 111, 112 और PIT-NDPS के तहत जब्त किया जाएगा। रंगदारी और धमकी देने वाले गैंगस्टर्स पर AGTF के विशेष ऑपरेशन जारी रहेंगे और विदेशों में छिपे अपराधियों के प्रत्यर्पण की कार्रवाई भी तेज की जाएगी। साइबर अपराधों पर R4C के माध्यम से प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर ANTF और ATS के ADG श्री दिनेश एमएन ने भी कार्रवाई की जानकारी दी, जबकि DIG मुख्यालय श्री कुंवर राष्ट्रदीप ने प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम में डीजी पुलिस प्रशिक्षण श्री अनिल पालीवाल सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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