राजस्थान पुलिस:कर्मियों की आर्थिक सहायता बढ़ाने पर विचार
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक, बच्चों की उच्च शिक्षा और सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा

जयपुर पुलिस मुख्यालय में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में राजस्थान पुलिस कार्मिक कल्याण न्यास की 53वीं बैठक में कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा हुई।
राजस्थान में पुलिसकर्मियों की मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद, पुलिस लाइनों में सुविधाओं का विस्तार और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी मंथन हुआ।
राजस्थान पुलिस कार्मिक कल्याण न्यास की न्यासी समिति की 53वीं बैठक गुरुवार, 22 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय में आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष एवं महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का अनुमोदन किया गया। इसके बाद पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा की गई और विभिन्न नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में न्यास के माध्यम से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को मिलने वाली सहायता का दायरा बढ़ाने पर विशेष रूप से विचार किया गया। वर्तमान में पुलिस सेवा के दौरान मृत्यु होने या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इस राशि को बढ़ाने के संबंध में विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई।
पुलिसकर्मियों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, पुलिस लाइनों में सुविधाओं का विस्तार करने और पुस्तकालयों के निर्माण के प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे। इन पहलों के माध्यम से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को जरूरत के समय बेहतर सहायता उपलब्ध कराने तथा कल्याणकारी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
पुलिस परिसरों में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रीन ड्राइव शुरू करने का सुझाव भी सामने आया। इसके अलावा राजस्थान पुलिस कार्मिक कल्याण न्यास के कोष को मजबूत करने के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत विभिन्न संस्थानों से सहयोग प्राप्त करने और पुलिसकर्मियों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया।
डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि कार्मिक कल्याण पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने न्यास का दायरा बढ़ाने और पुलिसकर्मियों के हित में कल्याणकारी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिए गए सुझावों पर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में समिति के उपाध्यक्ष एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री वी.के. सिंह, महासचिव एवं महानिरीक्षक पुलिस श्री कैलाशचंद विश्नोई, जयपुर पुलिस आयुक्त श्री सचिन मित्तल सहित समिति के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में हुई चर्चा के केंद्र में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ कल्याणकारी सुविधाओं का विस्तार करना रहा।

