जयपुर, 1 जून। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को मोबाइल खरीदते समय सतर्क रहने की सलाह देते हुए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि नया या पुराना (सेकेंड हैंड) मोबाइल खरीदने से पहले उसकी वैधता, चोरी अथवा ब्लैकलिस्ट होने की स्थिति की जांच अवश्य कर लें। इसके लिए केंद्रीय दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित सीईआईआर पोर्टल की केवाईएम (Know Your Mobile) सेवा आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह के निर्देशानुसार साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और नागरिकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से यह एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें बताया गया है कि कई बार लोग बिना सत्यापन के सेकेंड हैंड मोबाइल खरीद लेते हैं, जो बाद में चोरी का, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन पाया जाता है। ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है और साथ ही कई गंभीर कानूनी परेशानियां भी खड़ी हो सकती हैं।

इस केवाईएम सेवा के माध्यम से मोबाइल खरीदने से पहले कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं। इसके जरिए डिवाइस विवरण की सटीक जांच की जा सकती है कि मोबाइल का ब्रांड और मॉडल वही है या नहीं, जो विक्रेता द्वारा बताया जा रहा है। इसके साथ ही मोबाइल असली है या क्लोन (नकली), इसकी वैधता की जांच भी इसके माध्यम से संभव है। यह सेवा ब्लैकलिस्ट स्टेटस भी स्पष्ट करती है जिससे यह पता चल जाता है कि मोबाइल चोरी, गुमशुदा या ब्लॉक तो नहीं है। मोबाइल का सत्यापन करने के लिए उपभोक्ताओं को सबसे पहले अपने फोन से *#06# डायल करके उसका आईएमईआई नंबर जानना होगा, जिसके बाद तीन विभिन्न माध्यमों से इसका सत्यापन किया जा सकता है।

सत्यापन के पहले माध्यम के तहत उपभोक्ता मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर 'KYM <स्पेस> IMEI नंबर' टाइप कर इसे 14422 पर भेज सकते हैं, जिसके बाद कुछ ही क्षणों में मोबाइल का स्टेटस एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हो जाएगा। दूसरे माध्यम के तौर पर गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से "KYM – Know Your Mobile" ऐप डाउनलोड किया जा सकता है, जहाँ ऐप में IMEI नंबर दर्ज करके अथवा मोबाइल बॉक्स पर मौजूद बारकोड को स्कैन करके जानकारी प्राप्त की जा सकती है। तीसरे माध्यम के अंतर्गत सीईआईआर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर IMEI Verification विकल्प में मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज कर उसका स्टेटस आसानी से जांचा जा सकता है।

राजस्थान पुलिस ने कड़े शब्दों में सलाह दी है कि कोई भी सेकेंड हैंड या अनवेरिफाइड मोबाइल खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर KYM सेवा के माध्यम से अवश्य जांचें। यदि जांच के दौरान मोबाइल का स्टेटस Blacklisted या Blocked दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न खरीदें, क्योंकि वह मोबाइल चोरी, गुमशुदा अथवा अवैध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है। यदि इसके बावजूद किसी व्यक्ति के साथ साइबर अपराध होता है अथवा साइबर ठग धोखाधड़ी का प्रयास करते हैं तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.ceir.gov.in या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दी जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त पीड़ित नागरिक साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 एवं 9257510100 पर भी तुरंत संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं ताकि साइबर अपराधियों के खिलाफ त्वरित व प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story