राजस्थान पुलिस का मेगा नाकाबंदी अभियान, एक ही दिन में कटे 15,000 से अधिक चालान
महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के 1103 पॉइंट पर चेकिंग की गई, जिसमें नगदी और अवैध हथियारों की बरामदगी के साथ 226 आरोपी गिरफ्तार हुए।

राजस्थान पुलिस के महानिदेशक के निर्देश पर अपराध नियंत्रण और यातायात नियमों की पालना के लिए राज्य स्तर पर मेगा नाकाबंदी अभियान चलाकर 74 हजार से अधिक वाहनों की सघन जांच की गई।
राजस्थान में अपराध नियंत्रण, असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने और यातायात नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार सोमवार 01 जून को पूरे प्रदेश में एक व्यापक 'मेगा नाकाबंदी' अभियान चलाया गया। अतिरिक्त महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) श्री वीके सिंह ने इस बड़े घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष अभियान के तहत राज्य के सभी रेंज और कमिश्नरेट क्षेत्रों में कुल 1103 नाकाबंदी पॉइंट स्थापित किए गए थे। पुलिस टीमों ने बेहद मुस्तैदी और मुस्तैद सुरक्षा व्यवस्था का परिचय देते हुए कुल 74 हजार से अधिक वाहनों को खंगाला, जिसमें कुल 39,984 दुपहिया और 34,888 चौपहिया वाहनों की सघन चेकिंग की गई। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न मामलों में कुल 226 आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
यातायात नियमों के खुलेआम उल्लंघन पर पुलिस ने भारी जुर्माने की कार्रवाई की है। एडीजी श्री वीके सिंह ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुल 15,083 चालान बनाए गए। इन चालानों के वर्गीकरण पर नजर डालें तो इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 3234, बिना सीट बेल्ट के 1648, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने वाले 184, नंबर प्लेट संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले 1653, शीशों पर काली फिल्म लगे वाहनों के 1643 तथा अन्य अलग-अलग श्रेणियों में 6433 चालान शामिल हैं। इसके साथ ही सड़क पर दूसरों की जान जोखिम में डालकर शराब पीकर वाहन चलाने वाले 385 वाहन चालकों के विरुद्ध भी पुलिस द्वारा कठोर कानूनी कार्रवाई की गई।
सड़कों पर यातायात चेकिंग करने के साथ-साथ राजस्थान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और अपराधियों पर भी बेहद पैनी नजर बनाए रखी, जिसके परिणाम स्वरूप 11 वाहनों को पूरी तरह जब्त किया गया तथा कुल 73 नए आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए। इन दर्ज मामलों में आर्म्स एक्ट के 4, आबकारी अधिनियम के 30, एनडीपीएस एक्ट के 2 तथा अन्य विशेष एवं स्थानीय कानूनों के तहत दर्ज किए गए 37 मामले शामिल हैं। इस सघन अभियान के दौरान दर्ज हुए इन गंभीर प्रकरणों में पुलिस ने 63 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया है, जबकि संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर 163 व्यक्तियों को बीएनएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया।
इस महा-अभियान में गहन जांच और धरपकड़ के दौरान पुलिस के हाथ कई महत्वपूर्ण और बड़ी बरामदगियां भी लगी हैं। जयपुर रेंज के अंतर्गत पुलिस ने पांच संदिग्ध वाहन और 25.50 लाख रुपये की भारी नकदी जब्त करने में सफलता पाई। उधर भरतपुर रेंज में पुलिस टीम ने अवैध रेत परिवहन में प्रयुक्त किए जा रहे ट्रैक्टर तथा भारी मात्रा में अवैध देशी शराब को पकड़ा। कोटा रेंज से भी अवैध शराब, डोडा चूरा, संदिग्ध वाहन और लाउडस्पीकर एम्प्लीफायर को जब्त किया गया, जबकि बीकानेर रेंज में भी अवैध शराब के तस्करों और नियम विरुद्ध दौड़ने वाले वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
अगर इस पूरे नाकाबंदी अभियान में राजस्थान के रेंजवार प्रदर्शन की स्थिति का विश्लेषण करें तो चालान काटने के मामले में जयपुर रेंज सबसे अग्रिम पायदान पर रही, जहां सर्वाधिक 2492 चालान बनाए गए। इसके बाद क्रमशः अजमेर रेंज में 2229, भरतपुर रेंज में 2145, उदयपुर रेंज में 2051, कोटा रेंज में 1796, बीकानेर रेंज में 1572 तथा जोधपुर रेंज में 1470 चालान बनाए गए, जबकि जयपुर और जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों में क्रमशः 990 और 338 चालान किए गए। इसी तरह सड़कों पर मुस्तैदी से वाहन जांच करने के मामले में भी जयपुर रेंज ही सबसे आगे रही, जहां रिकॉर्ड 13,589 वाहनों की गहनता से जांच की गई। इसके अतिरिक्त उदयपुर रेंज में 12,234, अजमेर रेंज में 10,205, भरतपुर रेंज में 9,081 तथा जोधपुर रेंज में 8,079 वाहनों की सघन जांच कर पुलिस ने अपराधियों और नियम तोड़ने वालों को सख्त संदेश दिया है।

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