राजस्थान पुलिस की दो दिवसीय नाकाबंदी: 274 अपराधी गिरफ्तार और 11 हजार से अधिक चालान
डीजीपी के निर्देश पर प्रदेशभर के 810 पॉइंट्स पर 47 हजार वाहनों की जांच की गई, जिसमें उदयपुर और अजमेर रेंज में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई।

जयपुर। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए गए दो दिवसीय सघन नाकाबंदी अभियान ने अपराधियों, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा दिया है। इस विशेष मेगा अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 810 नाकाबंदी पॉइंट्स लगाकर 47 हजार से अधिक वाहनों की सघन जांच की, वहीं विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत 274 अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। दो दिन के इस व्यापक अभियान में पुलिस ने मोटर व्हीकल (एमवी) एक्ट के तहत 11,504 ताबड़तोड़ कार्रवाइयां की हैं, जिसके तहत अवैध हथियार, शराब और नशे के काले कारोबार के खिलाफ भी कड़ा शिकंजा कसा गया है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था श्री वी के सिंह ने अभियान के रणनीतिक चक्रव्यूह की जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार 16 मई को शाम 7:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक भरतपुर, उदयपुर व कोटा रेंजों में तथा रविवार 17 मई को प्रातः 3:00 से लेकर 6:00 बजे तक बीकानेर, जोधपुर व जयपुर रेंजों के सभी प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस सुनियोजित घेराबंदी के तहत पुलिस ने दोपहिया और चौपहिया वाहनों की व्यापक जांच करते हुए ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ बड़े स्तर पर डंडा चलाया। पुलिस रिकॉर्ड के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान प्रदेशभर में कुल 24,573 दोपहिया और 22,531 चौपहिया वाहनों को रोककर उनकी बारीकी से जांच की गई।
इस नाकाबंदी अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइविंग करने, फर्जी या बिना नंबर प्लेट वाले और शीशों पर काली फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ व्यापक स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुल 11,504 मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाइयों को अंजाम दिया, जिनमें 757 शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालक, 1667 बिना हेलमेट के घूम रहे दुपहिया चालक, 1484 बिना सीट बेल्ट वाले चालक, मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने वाले 191 चालक, 1438 संदिग्ध या बिना नंबर प्लेट वाले वाहन तथा 1017 काली फिल्म लगाकर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ की गई सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल रही।
नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने के मामले में इस बार उदयपुर और अजमेर रेंज सबसे आगे रहीं। नाकाबंदी अभियान में उदयपुर रेंज सबसे अधिक सक्रिय नजर आई, जहां रिकॉर्ड 2647 एमवी एक्ट की कार्रवाइयां की गईं, जबकि अजमेर रेंज में भी 2576 कार्रवाइयां दर्ज की गईं। इसी प्रकार जयपुर रेंज में 1795, कोटा रेंज में 1768, भरतपुर रेंज में 1735, जोधपुर रेंज में 968 और बीकानेर रेंज में 15 त्वरित कार्रवाइयां कर नियमों का उल्लंघन करने वालों की कमर तोड़ दी गई।
अभियान के दूसरे चरण में पुलिस ने अपराधियों, तस्करों और असामाजिक तत्वों पर प्रहार करते हुए कुल 274 व्यक्तियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इस दौरान पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए 12 प्रकरण आर्म्स एक्ट के, 41 मामले आबकारी अधिनियम के, 10 मामले एनडीपीएस एक्ट के तथा 62 अन्य विशेष एवं स्थानीय कानूनों के तहत दर्ज किए हैं। इसमें 73 शातिर अपराधियों को विभिन्न दर्ज प्राथमिकियों (एफआईआर) और प्रकरणों में गिरफ्तार किया गया, जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत 201 व्यक्तियों को निरोधात्मक कार्रवाई के अंतर्गत दबोचा गया।
पुलिस ने इस महाभियान के दौरान कई संवेदनशील स्थानों से भारी मात्रा में अवैध हथियार, शराब और संदिग्ध वाहन भी जब्त करने में कामयाबी पाई है। कोटा रेंज में पुलिस ने चौकसी बरतते हुए 5 धारदार हथियार, 120 पव्वे देशी शराब और 2 लीटर कच्ची शराब जब्त की, साथ ही 27 संदिग्ध वाहनों को सीज कर कार्रवाई की। उधर भरतपुर रेंज पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए 05 लीटर अवैध शराब बरामद की और एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत 61 संदिग्ध वाहनों को सीज कर अपने कब्जे में ले लिया। एडीजी श्री वी के सिंह ने दोटूक शब्दों में कहा कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार के संयुक्त और औचक मेगा अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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