राजस्थान: 123 पुलिसकर्मियों को मिलेगा डीजीपी डिस्क और प्रशस्ति रोल, आदेश जारी
अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में उत्कृष्ट योगदान के लिए एडीजी स्तर से लेकर कांस्टेबल रैंक तक के 123 अधिकारियों और कार्मिकों को सम्मानित किया जाएगा।

राजस्थान पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अपराध नियंत्रण से लेकर कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाने वाले जांबाज पुलिसकर्मियों को उनकी अद्वितीय सेवाओं का सर्वोच्च पुरस्कार मिलने जा रहा है। पुलिस मुख्यालय ने सूबे में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, सुदृढ़ प्रशासन, खुफिया कार्यों, साइबर अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा उत्कृष्ट पुलिसिंग में उल्लेखनीय एवं अविस्मरणीय योगदान देने वाले कुल 123 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को प्रतिष्ठित “महानिदेशक पुलिस डिस्क एवं प्रशस्ति रोल” (डीजीपी डिस्क) प्रदान करने की अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा द्वारा विधिवत जारी किए गए आधिकारिक आदेश में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस जैसे शीर्ष स्तर से लेकर धरातल पर मोर्चा संभालने वाले कांस्टेबल तक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस गरिमामयी सम्मान से नवाजे जाने का ऐलान किया गया है, जिससे पूरे महकमे में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
पुलिस मुख्यालय के ऐतिहासिक स्थायी आदेश संख्या 2/2016 के तहत यह सर्वोच्च विभागीय सम्मान प्रदान किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य विभाग में उत्कृष्ट, निष्पक्ष एवं सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचाना और उनके भीतर कर्तव्यपरायणता की नई ऊर्जा का संचार करना है। उच्च स्तरीय चयन समिति की गहन अनुशंसा पर विभिन्न रेंज, जिलों एवं विशेष इकाइयों से प्राप्त हुए महत्वपूर्ण प्रस्तावों के आधार पर इस वर्ष कड़ी स्क्रूटनी के बाद कुल 123 जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों का इस विशिष्ट पदक के लिए चयन किया गया है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी खाकी का मान बढ़ाया है।
इस गौरवशाली सूची में शीर्ष पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (एडीजी, आईजी और डीआईजी रैंक) की बात करें तो विशिष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एचजीआर सुहास, महानिरीक्षक पुलिस राजेंद्र सिंह (द्वितीय बार), महानिरीक्षक पुलिस राहुल प्रकाश (तृतीय बार), महानिरीक्षक पुलिस परिस देशमुख, उप महानिरीक्षक पुलिस जय यादव (तृतीय बार), उप महानिरीक्षक पुलिस मनोज कुमार और उप महानिरीक्षक पुलिस शांतनु कुमार सिंह के नाम शामिल हैं, जिन्हें उनकी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता के लिए इस प्रतिष्ठित पदक से विभूषित किया जा रहा है। वहीं, फील्ड पुलिसिंग और जिला स्तर पर कप्तानी व कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाकर अपराधियों में खौफ पैदा करने वाले पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारियों में सुमित मेहरडा, संजीव नैन, विकास सांगवान (तृतीय बार), अमित कुमार (द्वितीय बार), रतन सिंह, तेजस्वनी गौतम (तृतीय बार), बी. आदित्य, हरी शंकर, अनिल कुमार, दिगंत आनन्द (तृतीय बार), विशाल जांगिड और प्रवीण नायक नूनावत (द्वितीय बार) के नाम समाहित हैं, जिन्हें उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमताओं और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीजीपी डिस्क प्रदान की जा रही है।
तकनीकी अनुसंधान, विधिक पेचीदगियों और विभिन्न महत्वपूर्ण शाखाओं में प्रभावी कार्य संस्कृति विकसित करने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप अधीक्षक रैंक के जांबाजों में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त योगेश दाधीच, डॉ. राजीव पचार, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक कुमार सिंघल (द्वितीय बार), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित किशोर शर्मा (द्वितीय बार), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीक्षा कामरा (तृतीय बार), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अदिति कॉवत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भंवरलाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवारी के नाम इस सूची की शोभा बढ़ा रहे हैं। इनके साथ ही सहायक पुलिस अधीक्षक अजेय सिंह राठौड, सहायक पुलिस अधीक्षक पंकज यादव, सहायक पुलिस अधीक्षक हरिशंकर शर्मा, सहायक पुलिस अधीक्षक सोन चन्द वर्मा, सहायक निदेशक अभियोजन भंवर कुलदीप राठौड सहित पुलिस उप अधीक्षक और वृत्ताधिकारी के रूप में अपनी धाक जमाने वाली डॉ० पूनम, मनीष शर्मा, हर्षराज सिंह और राजावत प्रेम कुमार को भी इस विशिष्ट सम्मान के लिए चुना गया है।
जमीनी स्तर पर थानों की कमान संभालने वाले और विभिन्न पुलिस विंग्स में दिन-रात एक करने वाले समर्पित पुलिस निरीक्षक रैंक के अधिकारियों में देवेन्द्र सिंह (द्वितीय बार), भुटाराम (द्वितीय बार), विष्णु शर्मा, राजेन्द्र प्रसाद, सरोज बैरवा, चन्द्रभान सिंह, दिनेश सारण, लक्ष्मी कराड़िया, मनोज चौहान, प्रभुनारायण मीणा, पवन कुमार चौबे (द्वितीय बार), रमेश कविया, बलवन्त राम, अशोक बिश्नोई और रमेश चंद आर्य के नाम शामिल हैं। वहीं, अपराधों के सनसनीखेज खुलासे, शातिर अपराधियों की धरपकड़ और फील्ड इंटेलिजेंस को अभेद्य बनाने वाले जांबाज पुलिस उप निरीक्षक रैंक के अधिकारियों में शैलेंद्र कुमार शर्मा, धर्मसिंह, भरत लाल, राधेश्याम वर्मा, सुरेन्द्र सिंह, संदीप बसेरा, यमनेश कुमार शर्मा, रविन्द्र सिंह, यशपाल सिंह चौधरी और राजवीर के नाम पूरे सम्मान के साथ शामिल किए गए हैं। विभिन्न कार्यालयों और पुलिस थानों में अनुसंधान व विधिक प्रक्रियाओं को तत्परता से पूरा करने वाले सहायक उप निरीक्षक रैंक के कर्मियों में देवकरण, दिनेश कुमार, कमलेन्द्र सिंह, जसवन्त सिंह, खड़ग सिंह, सूरज बाली और जगदीश प्रसाद के नाम अग्रगण्य हैं।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न जिलों, विशेष शाखाओं और थानों में अनुसंधान व कानून-व्यवस्था में रीढ़ की हड्डी बनकर महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले हेड कांस्टेबल रैंक के जांबाजों में शाहिद अली, शहनाज खान, हिम्मत सिंह, राजेश कुमार, वेदप्रकाश, अरविन्द सिंह देवड़ा, राहुल कुमार खेदड़, प्रवीण कुमार, जसवन्त सिंह, राजेन्द्र सिंह (द्वितीय बार), मुकेश कुमार, धर्मेन्द्र कुमार और रितुदमन सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस बल की सबसे मजबूत आधारशिला माने जाने वाले और फील्ड में हर विपरीत मौसम में दिन-रात डटने वाले कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल एवं चालक रैंक के कार्मिकों में शिवराज बैरवा, संतोष चाहर, नरेन्द्र कुमार, लाला राम, सीताराम जांगिड़, पवन लिम्बा (तृतीय बार), अनिल कुमार, मुकेश चन्द, सतीश चन्द, राहुल त्रिवेदी, विश्वेन्द्र सिंह, हेमेन्द्र सिंह, पुखराज, कमलेन्द्र मेहराणा, दीपक कुमार, कृष्ण कुमार यादव, विनोद कुमार, राजकिशोर, विजय कुमार (चालक), सुरेन्द्र, लक्ष्मण चौधरी, गुमान सिंह, दिनेश चन्द, राजेन्द्र प्रसाद, जीतराम चौधरी, विकास कुमार सहारण, सुरेन्द्र कुमार गुर्जर, संदीप कुमार, अनिल कुमार योगी, दयालसिंह, गंगा, महेन्द्र कुमार जाट, नरेश कुमार बैरवा, सुन्दर सिंह, अनिल कुमार, हरि कुमार जाट (द्वितीय बार), सत्यनारायण मीणा, धर्मेन्द्र कुमार मीणा, भूपेन्द्र कुमार नागर, दिपक लबाना, संजू जिजवाड़िया और सुनिता के नाम पूरी शान से इस सूची में शामिल किए गए हैं।
इस ऐतिहासिक घोषणा के अवसर पर महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने अत्यंत गर्व के साथ कहा कि यह सर्वोच्च सम्मान राजस्थान पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों की उत्कृष्ट सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मान से पुलिस बल में एक बेहतर और जवाबदेह कार्य संस्कृति को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। डीजीपी ने सभी सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके इस ऐतिहासिक अचीवमेंट पर हार्दिक बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी अदम्य साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करने की अपेक्षा व्यक्त की है।

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