जयपुर, 1 सितंबर। राजस्थान पुलिस सितंबर 2026 को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाएगी। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में महीनेभर चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना, सुरक्षा उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और ऑनलाइन ठगी व धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए सचेत करना है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री विजय कुमार सिंह के अनुसार अभियान के प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तर पर पुलिस अधीक्षक-1 (R4C) को राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को जिला नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अभियान में पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस थानों में साइबर अपराध से जुड़े अधिकारी पेंशन विभाग के समन्वय से पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों को ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश के नाम पर होने वाली ठगी और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देंगे।

जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारियों के समन्वय से स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी, सेमिनार एवं विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। छात्र-छात्राओं द्वारा एक दिवसीय मानव श्रृंखला बनाकर साइबर सुरक्षा का संदेश भी दिया जाएगा।

प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन तथा धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, ऑडियो-वीडियो संदेश और साइबर जागरूकता स्टॉल के जरिए आमजन को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी जाएगी।

युवाओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। साइबर स्वयंसेवकों, एनएसएस एवं एनसीसी कैडेट्स की सहभागिता के साथ आरएसी इकाइयों और जिला खेल अधिकारियों के समन्वय से साइबर जागरूकता के लिए दौड़ एवं साइकिल रैली जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राजस्थान पुलिस अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्य डाकपाल एवं पंचायती राज विभाग के समन्वय से ग्राम पंचायत स्तर तक साइबर जागरूकता गतिविधियां आयोजित करेगी। इस तरह साइबर सुरक्षा का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

अभियान के दौरान स्थानीय सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों, खेल एवं सिनेमा जगत की हस्तियों के माध्यम से वीडियो अपील जारी करवाई जाएंगी। स्थानीय एफएम, टेलीविजन चैनल, सिनेमा हॉल, निजी केबल टीवी तथा बाजारों में लगे डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। सितंबर 2026 में प्रस्तावित यह राज्यव्यापी अभियान ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर होने वाली ठगी और अन्य साइबर अपराधों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता पर केंद्रित रहेगा।

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