राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है। पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को जयपुर कमिश्नरेट और जयपुर ग्रामीण जिले की साइबर अपराध समीक्षा बैठक में साइबर अपराध को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रोकथाम, त्वरित अनुसंधान और साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जयपुर स्थित कांफ्रेंस हॉल में हुई बैठक में जयपुर कमिश्नरेट के सभी पुलिस उपायुक्त, डीसीपी क्राइम, साइबर क्राइम से जुड़े पुलिस अधिकारी और थानाधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश, जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में साइबर अपराध की स्थिति, लंबित प्रकरणों और अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती को देखते हुए संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल, अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचने और आमजन को साइबर ठगी से बचाने के लिए जागरूकता गतिविधियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया जितनी तेज होगी, पीड़ित की राशि वापस दिलाने और अपराधियों तक पहुंचने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। इसी को देखते हुए शिकायत मिलते ही तकनीकी और वित्तीय ट्रेल का तत्काल विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध के नए तरीकों पर लगातार नजर रखने और पुलिसकर्मियों को इनके संबंध में अपडेट रखने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में बताया गया कि साइबर अपराधों की जांच में तेजी लाने और उन पर सख्त नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया है। इन अधिकारियों के जरिए साइबर अपराधों की जांच और नियंत्रण की कार्रवाई को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।

सितंबर माह को साइबर सुरक्षा माह के रूप में मनाए जाने के क्रम में सामने आ रहे प्रमुख साइबर अपराधों पर भी बैठक में गहन मंथन हुआ। इसमें म्यूल अकाउंट्स, एटीएम से अवैध निकासी, संदिग्ध बैंक शाखाओं की भूमिका, फर्जी सिम और क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड जैसे गंभीर मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। इन मामलों से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने साइबर अपराध पर नियंत्रण को पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अक्टूबर माह में पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। अभियान के तहत साइबर अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे और मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।

वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल बैंकिंग ब्रांचों पर पुलिस की पैनी निगरानी रहेगी। इसके साथ ही फर्जी सिम जारी करने वाले Point of Sale (PoS) एजेंटों और विक्रेताओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साइबर ठगी की अवैध राशि को एक खाते से दूसरे खाते में घुमाने के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट्स पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा।

बैठक में पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था संजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था वी.के. सिंह, पुलिस आयुक्त जयपुर सचिन मित्तल, महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज राहुल प्रकाश, उप महानिरीक्षक साइबर क्राइम शांतनु कुमार तथा उप महानिरीक्षक कार्मिक एवं स्टाफ ऑफिसर कुंवर राष्ट्रदीप मौजूद रहे। इनके साथ जयपुर आयुक्तालय के सभी पुलिस उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक आर4सी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।

सितंबर के साइबर सुरक्षा माह के दौरान तैयार की गई कार्ययोजना के बाद अक्टूबर में प्रदेशव्यापी विशेष अभियान के जरिए साइबर अपराधियों, फर्जी सिम नेटवर्क, म्यूल अकाउंट्स और संदिग्ध बैंकिंग गतिविधियों पर कार्रवाई को तेज करने की दिशा में राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट रणनीति तय की है।

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