जयपुर। भारतीय योग विद्या का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है और इस गौरवशाली क्षण को साकार किया है राजस्थान पुलिस की कॉन्स्टेबल देवांशी शर्मा ने। अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप के दौरान देवांशी ने अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सीनियर-बी हैंड बैलेंस (इंडिविजुअल) वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल राजस्थान का, बल्कि पूरे भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय संस्कृति और योग परंपरा की बढ़ती स्वीकार्यता का एक सशक्त प्रमाण है।

इस ऐतिहासिक जीत पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए देवांशी शर्मा को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। राजभवन द्वारा जारी संदेश में राज्यपाल ने कहा कि अहमदाबाद की माटी पर संपन्न हुई इस पहली विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में राजस्थान की बेटी द्वारा हासिल किया गया स्वर्ण पदक समूचे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राज्यपाल ने देवांशी के समर्पण और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह विजय भारतीय खेलों के वैश्विक वर्चस्व की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।

देवांशी शर्मा की इस कामयाबी ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास के बल पर किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है। एक पुलिसकर्मी के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के साथ-साथ योग के कठिन अनुशासन में स्वर्ण पदक प्राप्त करना उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है। यह स्वर्ण पदक केवल एक जीत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए योग के प्रति रुचि जगाने और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने वाला एक मील का पत्थर है। देवांशी की इस वैश्विक उपलब्धि ने राजस्थान को खेल और योग के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है, जिसे प्रदेशवासी लंबे समय तक याद रखेंगे।

Updated On
Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story