राजस्थान एएनटीएफ ने ऑपरेशन विषवाहिनी में मुख्य सप्लायर मांगीलाल विश्नोई को गिरफ्तार किया। ब्रोमो के नाम पर पीओपी भेजकर लाखों की ठगी का चौंकाने वाला खुलासा।

राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बहुचर्चित ऑपरेशन विषवाहिनी में फरार चल रहे मुख्य सप्लायर मांगीलाल विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने तेलंगाना से प्रतिबंधित ब्रोमो केमिकल भेजने का झांसा देकर अपने ही तस्कर साथियों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। उसने ड्रमों में ब्रोमो की जगह पीओपी (कैल्शियम सल्फेट) भरकर राजस्थान भेज दिया और अपनी ठगी छिपाने के लिए खुद ही मुखबिर के माध्यम से पुलिस को सूचना देकर टैंकर पकड़वाने की साजिश रच डाली।

एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस श्री विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशन में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत मई 2026 में शुरू किए गए ऑपरेशन विषवाहिनी के दौरान नेशनल हाईवे-68 पर संदिग्ध ड्रमों से भरे एक टैंकर को पकड़ा गया था। इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि मुख्य सप्लायर मांगीलाल फरार होकर हैदराबाद, चेन्नई, महाराष्ट्र, केरल और आंध्रप्रदेश में लगातार ठिकाने बदलता रहा। तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर एएनटीएफ ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि राजस्थान के सांचौर-बाड़मेर क्षेत्र के तस्करों ने हैदराबाद से प्रतिबंधित ब्रोमो केमिकल मंगवाने के लिए मांगीलाल से करीब 6.5 लाख रुपये की डील की थी। ब्रोमो उपलब्ध नहीं होने पर आरोपी ने मात्र 3,750 रुपये की पीओपी खरीदकर उसे ड्रमों में भर दिया। इसके बाद ड्रमों पर ब्रोमो के स्टिकर चिपकाकर टैंकर के जरिए राजस्थान रवाना कर दिया। इतना ही नहीं, उसने ड्रम लोड करने का वीडियो भी बनवाया और वही वीडियो मुखबिर के जरिए पुलिस तक पहुंचा दिया, ताकि टैंकर रास्ते में ही पकड़ा जाए और तस्करों को यह विश्वास हो जाए कि उनका माल पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस तरह आरोपी ने अपने साथियों से पैसे भी ऐंठ लिए और अपनी धोखाधड़ी का राज भी छिपाने का प्रयास किया।

जांच में यह भी सामने आया कि मांगीलाल ने हवाला के जरिए रकम मंगवाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने हैदराबाद में मौजूद अपने चाचा के जरिए 10 रुपये के एक नोट की फोटो मंगवाई और उसे सांचौर के तस्करों को भेज दिया। सांचौर के तस्कर ने स्थानीय हवाला कारोबारी को रकम सौंपी, जबकि हैदराबाद में मांगीलाल के चाचा ने वही 10 रुपये का टोकन नोट दिखाकर हवाला ऑपरेटर से पैसे प्राप्त कर लिए। इसी तरह 1 रुपये और 10 रुपये के नोटों के सीरियल नंबरों का इस्तेमाल कर सांचौर से हैदराबाद तक लाखों रुपये का लेनदेन किया गया।

मामले की जांच के दौरान एएनटीएफ की दो विशेष टीमों ने हैदराबाद में पीओपी व्यापारियों, टैंकर संचालकों और हवाला कारोबारियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं, जिसके बाद मुख्य आरोपी तक पहुंचना संभव हो सका। आईजीपी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। उसके डिजिटल विश्लेषण से तस्करी नेटवर्क, हवाला लेन-देन और अन्य राज्यों में सक्रिय गिरोहों से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना है। मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और प्रकरण में नई धाराएं जोड़ने के साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

आईजीपी विकास कुमार ने आमजन से अपील की कि मादक पदार्थों की तस्करी अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंधित कोई भी सूचना एएनटीएफ कंट्रोल रूम 0141-2502877 अथवा व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

Pratahkal Bureau

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