राजस्थान पुलिस की एएनटीएफ ने फिरोजपुर से पकड़ा ₹25,000 का इनामी तस्कर
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ऑपरेशन मदाश्विन के तहत श्रीगंगानगर के फरार आरोपी सुनील कुमार को पंजाब की एक गौशाला से गिरफ्तार किया है।

राजस्थान पुलिस की एएनटीएफ टीम ने ऑपरेशन मदाश्विन के तहत एक वर्ष से फरार ₹25,000 के इनामी तस्कर सुनील कुमार को पंजाब के फिरोजपुर से गिरफ्तार किया।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन मदाश्विन' के तहत एक बड़ी सफलता अर्जित की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशों की पालना में एएनटीएफ ने पंजाब के फिरोजपुर से एक वर्ष से फरार चल रहे ₹25,000 के इनामी तस्कर सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के निर्देशन तथा महानिरीक्षक पुलिस एएनटीएफ विकास कुमार के नेतृत्व में लगातार पांचवें दिन चली इस कार्रवाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि राजस्थान पुलिस अपराधियों का पीछा राज्य की सीमाओं से बाहर तक करने में सक्षम है।
आरोपी सुनील कुमार पुत्र नक्षत्र सिंह, निवासी 10 सरकारी, तहसील विजयनगर, थाना जैतसर, जिला श्रीगंगानगर पर मादक पदार्थ तस्करी सहित कई आपराधिक मामले लंबित थे। गिरफ्तारी से बचने हेतु सुनील ने पंजाब के फिरोजपुर में एक गौशाला में शरण ले रखी थी, जहाँ वह गायों की सेवा करने का स्वांग रचकर स्वयं को छिपाए हुए था। वह मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करता था और अपनी कमाई ई-मित्र के माध्यम से घर भेजता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
एएनटीएफ टीम के लिए सुनील तक पहुँचना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। टीम द्वारा श्रीगंगानगर स्थित उसके आवास पर दबिश देने पर वह नहीं मिला, परंतु घर की गहन तलाशी के दौरान पुलिस को फिरोजपुर की एक पुरानी ट्रेन टिकट प्राप्त हुई। फिरोजपुर में सुनील का कोई रिश्तेदार न होने के कारण पुलिस का संदेह गहरा गया। एएनटीएफ टीम ने तुरंत उक्त टिकट के सुराग पर फिरोजपुर पहुँचकर स्थानीय लोगों को फोटो दिखाकर हुलिए के आधार पर तस्कर को एक स्कूल के पास बनी गौशाला में ट्रैक कर लिया। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने घेराबंदी की, तो सुनील गौशाला से भाग निकला और स्कूल की दीवार फांदकर छिपने का प्रयास करने लगा। एएनटीएफ टीम ने पीछा कर करीब आधे घंटे के संघर्ष के बाद उसे दबोच लिया।
पुलिस जाँच में सामने आया कि आरोपी ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और नशे की लत के कारण चोरी तथा जमीनों की फर्जी खरीद-फरोख्त जैसे अपराधों में संलिप्त हो गया। वर्ष 2021 से 2025 के मध्य उसके विरुद्ध घड़साना, विजयनगर, छत्तरगढ़ और जैतसर में चोरी, धोखाधड़ी एवं एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हुए। सुनील का नशा तस्करी का सफर 'प्रथम ग्रासे मक्षिका पातः' सिद्ध हुआ, क्योंकि जब उसने अपने पैडलर को 280 ग्राम हेरोइन के साथ सूरतगढ़ भेजा, तो पुलिस ने उसे खेप सहित दबोच लिया, जिससे सुनील का नाम उजागर हुआ और वह फरार हो गया।
महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ राज्य के भीतर और बाहर छिपे अपराधियों पर निरंतर प्रहार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि अपराधियों या नशा तस्करों से संबंधित सूचना एएनटीएफ कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर साझा करें, जहाँ सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस सफल कार्रवाई में शामिल टीमों को भविष्य में विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।

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