राजस्थान पुलिस ने विधि क्षेत्र में अध्ययनरत युवाओं को पुलिस कार्यप्रणाली से जोड़ने की बड़ी पहल की है। देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में विधि स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थी अब राजस्थान पुलिस में प्रशिक्षु के रूप में जुड़ सकेंगे। उन्हें पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, इकाइयों, ब्यूरो और क्षेत्रीय इकाइयों में पुलिस कार्यों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

राजस्थान के महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय ने उच्च स्तरीय अकादमिक प्रतिभाओं के लिए ‘राजस्थान पुलिस प्रशिक्षुता योजना’ शुरू की है। योजना के तहत विधि विषय के शोधार्थियों, विधि स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।

प्रशिक्षु अपनी दक्षता के माध्यम से प्रभावी पुलिसिंग, आपराधिक न्याय प्रणाली, फोरेंसिक विज्ञान, साइबर कानून और संबंधित कानूनी विषयों में नीति विश्लेषण, डेटा संग्रह तथा अनुसंधान की प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और पुलिस के कार्यों में सहयोग करेंगे।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध शाखा श्री बिपिन कुमार पाण्डेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार चयनित प्रशिक्षुओं का अपराध शाखा, एससीआरबी, एसओजी, यातायात, साइबर अपराध, विधि शाखा, आधुनिकीकरण तथा अन्य इकाइयों में कानूनी शोध, डेटा विश्लेषण और रिपोर्ट लेखन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग लिया जाएगा। प्रशिक्षुता पूर्णतः अवैतनिक आधार पर होगी। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके करियर और भविष्य के हितों में मजबूत विधिक अनुभव प्रदान करना है।

योजना के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए 12वीं कक्षा में 60 प्रतिशत या समकक्ष अंक होना अनिवार्य है। तीन वर्षीय एलएलबी में वर्तमान में अंतिम वर्ष यानी पांचवें या छठे सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थी पात्र होंगे, बशर्ते पिछले सभी सेमेस्टरों में कुल मिलाकर कम से कम 60 प्रतिशत या समकक्ष अंक प्राप्त किए हों। इसी तरह पांच वर्षीय एकीकृत कानून पाठ्यक्रम जैसे बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी, बी.कॉम एलएलबी आदि के अंतिम वर्ष यानी नौवें या दसवें सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थी भी पात्र होंगे और उनके पिछले सभी सेमेस्टरों में कुल 60 प्रतिशत या समकक्ष अंक होना आवश्यक है।

स्नातकोत्तर स्तर पर एलएलएम और पीएचडी विद्यार्थी भी आवेदन कर सकेंगे। एलएलएम के प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा दे चुके विद्यार्थी तथा कानून में पीएचडी कर रहे शोधार्थी पात्र होंगे। इनके लिए स्नातक यानी एलएलबी या एकीकृत कानून डिग्री में कम से कम 60 प्रतिशत या समकक्ष अंक प्राप्त होना आवश्यक है। हाल ही में विधि स्नातक करने वाले अभ्यर्थियों तथा बार काउंसिल नामांकन या उच्च अध्ययन की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों के आवेदनों पर भी विचार किया जाएगा।

प्रशिक्षुता की न्यूनतम अवधि 45 दिन और अधिकतम अवधि तीन महीने तक हो सकती है। कार्य अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पूरी अवधि में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। चयनित प्रशिक्षुओं को अपना लैपटॉप स्वयं लाना होगा, जबकि पुलिस मुख्यालय की ओर से कार्यस्थल, इंटरनेट सुविधा और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

राजस्थान पुलिस प्रशिक्षुता योजना के लिए आवेदन विंडो पूरे वर्ष खुली रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार राजकॉप सिटीजन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। योजना की विस्तृत जानकारी राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर नागरिक सेवाओं के अंतर्गत उपलब्ध है। आवेदन दिसंबर, मार्च, जून और सितंबर में क्रमशः जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर के बैच के लिए किए जा सकते हैं।

निर्धारित समय और नियमों के तहत प्रशिक्षुता सफलतापूर्वक पूरी करने तथा संबंधित विंग प्रमुख को संक्षिप्त रिपोर्ट या शोध पत्र सौंपने के बाद राजस्थान पुलिस की प्रशिक्षण शाखा सभी सफल उम्मीदवारों को आधिकारिक अनुभव प्रमाण पत्र जारी करेगी। यह प्रमाण पत्र उनके विधिक एवं न्यायिक करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।

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