राजस्थान पुलिस एएनटीएफ: नेपाल बॉर्डर से 75 हजार का इनामी तस्कर गिरफ्तार
छह साल से फरार टॉप-25 नार्को अपराधी सोहनलाल को पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर जाल बिछाकर और डील का लालच देकर रक्सौल बॉर्डर से दबोचा गया।

राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने छह साल से फरार चल रहे 75 हजार रुपये के इनामी और टॉप-25 नार्को अपराधी सोहनलाल उर्फ सोनू को नेपाल से भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भारते की बेरी निवासी आरोपी नेपाल के काठमांडू में रहकर राजस्थान में अपने मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसे पकड़ने के लिए एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन विषनहस’ चलाया। कार्रवाई के दौरान टीम ने काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर अपनी पहचान छिपाकर जाल बिछाया और बड़ी डील का लालच देकर उसे भारतीय सीमा तक बुलाया।
पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में फरार मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। एएनटीएफ इससे पहले देश के 12 राज्यों से 102 फरार इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। सोहनलाल की गिरफ्तारी के साथ यह संख्या बढ़कर 103 हो गई है। एएनटीएफ के अनुसार, किसी अंतरराष्ट्रीय फरार इनामी अपराधी को पकड़ने की यह उसकी पहली कार्रवाई है।
बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भारते की बेरी निवासी 32 वर्षीय सोहनलाल उर्फ सोनू पुत्र भागीरथ राम ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद गलत संगत में पड़कर उसने वर्ष 2016 में अवैध शराब की तस्करी शुरू कर दी। इस संबंध में बालोतरा क्षेत्र में उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के दो प्रकरण दर्ज हुए। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था और वह करीब एक माह न्यायिक अभिरक्षा में रहा।
जेल से बाहर आने के बाद सोहनलाल ने शराब तस्करी छोड़ दी और अधिक मुनाफे के लालच में अफीम तथा डोडा चूरा की तस्करी शुरू कर दी। शुरुआती दौर में वह अन्य तस्करों के साथ मिलकर काम करता था, लेकिन बाद में उसने अपना स्वतंत्र नेटवर्क खड़ा कर लिया। पुलिस के मुताबिक, वह मध्यप्रदेश के नीमच और राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर तथा भीलवाड़ा से मादक पदार्थ जुटाता था और अपने नेटवर्क के माध्यम से मारवाड़ तथा पंजाब के तस्करों तक पहुंचाता था।
वर्ष 2020 में जालौर जिले के चितलवाना थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में नाम सामने आने के बाद सोहनलाल फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने राजस्थान छोड़ दिया और अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलता रहा। वह मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़ और आंध्रप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर छिपा रहा। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी सीमित कर दिया था।
वर्ष 2025 में राजस्थान पुलिस द्वारा एएनटीएफ का गठन कर मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज किए जाने के बाद सोहनलाल अक्टूबर 2025 में नेपाल चला गया और काठमांडू में रहने लगा। आरोप है कि नेपाल में रहकर भी वह राजस्थान में सक्रिय अपने साथियों के संपर्क में था और तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, सोहनलाल तक पहुंचने के लिए एएनटीएफ टीम ने उसके सक्रिय गुर्गों से संपर्क साधा। टीम ने खुद को पंजाब का बड़ा अवैध मादक पदार्थ खरीदार बताया और भारी मात्रा में माल की डील करने की इच्छा जताई। गुर्गों ने शर्त रखी कि इतनी बड़ी डील के लिए नेपाल में बैठे उनके आका से ही मुलाकात करनी होगी। इसके बाद एएनटीएफ टीम काठमांडू पहुंची।
जमीनी इनपुट से पता चला कि सोहनलाल गिरफ्तारी से बचने के लिए भगवान पशुपतिनाथ का नियमित दर्शनार्थी बन गया था। गिरफ्तारी से बचने की मन्नत मांगते हुए वह रोजाना मंदिर में धोक लगाने आता था। उसकी पहचान उजागर किए बिना पकड़ने के लिए एएनटीएफ टीम ने मंदिर परिसर के बाहर विशेष रणनीति अपनाई। टीम का एक अधिकारी मंदिर के प्रवेश मार्ग पर माला बेचने वाला बन गया, जबकि दूसरा माथे पर चंदन लगाने वाला तिलकधारी बनकर श्रद्धालुओं को तिलक लगाने लगा। टीम के अन्य सदस्य आम श्रद्धालुओं की तरह आसपास मुस्तैद रहे। कुछ देर बाद हुलिया मिलने पर संदिग्ध तस्कर की पहचान कर ली गई।
बड़ी रकम मिलने की उम्मीद में सोहनलाल टीम के साथ नेपाल से भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल पहुंचा। भारतीय सीमा में प्रवेश करते ही एएनटीएफ टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस तरह छह साल से फरार चल रहा 75 हजार रुपये का इनामी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
एएनटीएफ के अनुसार, सोहनलाल नेपाल में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा था और वहां से भूटान जाने की तैयारी में था। पुलिस का दावा है कि उसकी योजना 10 अक्टूबर 2026 को नेपाल छोड़ने की थी, लेकिन इससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई में शामिल टीमों की भूमिका की सराहना करते हुए पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि सभी संबंधित टीमों को एएनटीएफ मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। आरोपी सोहनलाल उर्फ सोनू निवासी भारते की बेरी, थाना धोरीमन्ना, जिला बालोतरा को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित प्रक्रिया के तहत लिया गया है।
एएनटीएफ ने आमजन से मादक पदार्थ तस्करी और अपराधियों से जुड़ी जानकारी साझा करने की अपील की है। सूचना एएनटीएफ नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 0141-2502877 अथवा व्हाट्सऐप नंबर 9261225056 पर दी जा सकती है। पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

