राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन: 4 जिलों में हथियार, साइबर ठगी, जाली नोट और मर्डर का खुलासा
राजस्थान के चार जिलों में पुलिस का बड़ा एक्शन, हथियार सप्लायर, 11 साइबर ठग, जाली नोट सरगना और ब्लाइंड मर्डर के आरोपी गिरफ्तार।

तस्वीर में मेज पर सील बंद प्लास्टिक के बक्सों में रखी गई अवैध पिस्तौलें और कारतूस दिखाई दे रहे हैं।
राजस्थान पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नागौर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़ और दौसा में एक ही दिन में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी, संगठित साइबर ठगी, जाली नोटों की सप्लाई और ब्लाइंड मर्डर जैसे गंभीर मामलों का खुलासा किया है। नागौर में हथियार सप्लायर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर छह पिस्टल और 24 कारतूस बरामद किए गए। टोंक में करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले 11 अंतरराज्यीय साइबर ठग पकड़े गए। कोटपूतली में 500-500 रुपये के जाली नोट सप्लाई करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया, जबकि दौसा में 15 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर सहित दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अज्ञात शव के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा हुआ।
महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
नागौर में निकाय चुनावों के मद्देनजर अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना खाटूबड़ी पुलिस और डीएसटी नागौर ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार सप्लायर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से छह अवैध पिस्टल मय मैगजीन और 24 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
जिला पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक जतिन जैन और वृताधिकारी जायल संजीव चौहान के सुपरविजन में कार्रवाई की गई। डीएसटी की सूचना पर पुलिस ने हथियार सप्लायर ओमप्रकाश देहड़ू को पकड़ा। पूछताछ में उसके द्वारा हथियार बेचने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें भेजकर खरीदारों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में ओमप्रकाश देहड़ू (38), सुरेश राहड़ (32), श्रवणराम (36) और ओमप्रकाश (34), सभी निवासी खाटूबड़ी, शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग स्थानों पर कुल छह पिस्टल और 24 कारतूस बरामद किए गए। मामले में थाना खाटूबड़ी पर आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी है।
टोंक जिले में डीएसटी टीम और थाना दत्तवास की संयुक्त कार्रवाई में संगठित साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 11 अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। जिला पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी सिम कार्ड, फर्जी बैंक खातों और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी करते थे।
प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। साइबर अपराध में 399 सिम कार्ड के इस्तेमाल का पता चला है, जबकि एनसीआरपी पोर्टल पर आरोपियों के खिलाफ 81 शिकायतें दर्ज होना सामने आया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 37,210 रुपये की साइबर ठगी की राशि, दो बोलेरो, एक स्विफ्ट कार और 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा आईफोन-17 प्रो, सैमसंग अल्ट्रा सहित एंड्रॉयड मोबाइल, लैपटॉप और चार एटीएम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और अनुसंधान जारी है।
कोटपूतली पुलिस ने जाली नोटों की सप्लाई करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना संजीव अहलावत को झज्जर, हरियाणा से गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के निर्देश पर 23 अगस्त को कोटपूतली से बरामद 500-500 रुपये के कुल 67,500 रुपये के जाली नोटों के मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई थी।
पुलिस ने पहले निशीकान्त गुप्ता और राहुल सैनी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 24 अगस्त को जाली नोट सप्लाई करने वाले चिराग भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया। अनुसंधान में सामने आए तथ्यों और आसूचना के आधार पर पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना संजीव अहलावत को 28 अगस्त को झज्जर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे जाली नोटों का निर्माण करने वालों और गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
दौसा जिले के थाना मण्डावर पुलिस ने 15 अगस्त को खेडली कला के जंगल में मिले राहुल उर्फ भानू मीना के शव के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल और पुलिस उप अधीक्षक महवा अनूप सिंह के सुपरविजन में थाना मण्डावर की टीम ने लगातार जांच की। अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने करीब 800 किलोमीटर का सफर तय किया तथा तकनीकी संसाधनों और साइबर विश्लेषण का सहारा लिया।
जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को मुख्य घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर बाजरे के खेत में डाल दिया था। आरोपियों ने मृतक का शव ऐसे स्थान पर रखा, जिससे शक पूर्व में मृतक से विवाद करने वाले व्यक्ति और उसके परिवार पर जा सके।
पुलिस ने सुरेश उर्फ सुर्रा मीना (56) और शेरसिंह उर्फ शेरू मीना (19), निवासी खोखर, थाना खेड़ली, जिला अलवर, को गिरफ्तार किया है। सुरेश उर्फ सुर्रा थाना खेडली, अलवर का हिस्ट्रीशीटर है। मामले में एक महिला के विरुद्ध भी विधि अनुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस अब हत्या के कारणों और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
चार जिलों में हुई इन कार्रवाइयों में अवैध हथियारों की बरामदगी, करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश, जाली नोट गिरोह के मुख्य सरगना की गिरफ्तारी और ब्लाइंड मर्डर का खुलासा हुआ है। पुलिस का अनुसंधान और संबंधित मामलों में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

