राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत और बजरी खनन के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने बड़ा और निर्णायक अभियान छेड़ रखा है। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर वर्ष 2025 की शुरुआत से ही धौलपुर और करौली जिलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 17 अप्रैल 2026 को सुओ मोटो सिविल रिट में जारी निर्देशों के बाद इस अभियान को और अधिक तेज और व्यापक रूप दिया गया है। पुलिस मुख्यालय की अपराध शाखा के विशेष पर्यवेक्षण में दोनों जिलों की पुलिस संयुक्त समन्वय के साथ चम्बल नदी के तटीय क्षेत्रों में सक्रिय बजरी माफियाओं पर लगातार प्रहार कर रही है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) श्री वी.के. सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 की शुरुआत से अप्रैल 2026 तक धौलपुर और करौली जिलों में अवैध बजरी खनन, भंडारण और परिवहन से जुड़े कुल 392 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 342 मामलों में पुलिस ने तफ्तीश पूरी कर माननीय न्यायालयों में आरोप पत्र भी पेश कर दिए हैं, जबकि शेष मामलों की जांच तेजी से जारी है।

पुलिस ने बजरी माफियाओं के संगठित नेटवर्क को तोड़ने के लिए केवल वाहन चालकों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि वाहनों के पंजीकृत मालिकों को भी सह-आरोपी बनाया है। दर्ज मामलों में 195 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें अवैध बजरी परिवहन में शामिल चालकों के साथ वाहन मालिकों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस रिकॉर्ड में वर्ष 2024 से अब तक 70 ऐसे रिपीट ऑफेंडर्स चिन्हित किए गए हैं, जो बार-बार अवैध बजरी कारोबार में संलिप्त पाए गए।

धौलपुर जिला पुलिस ने चम्बल नदी क्षेत्र में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 से अप्रैल 2026 तक 353 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए। जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के अनुसार वर्ष 2025 में 250 और वर्ष 2026 में अप्रैल तक 103 मुकदमे दर्ज किए गए। इन मामलों में 306 प्रकरणों में न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 के 236 और वर्ष 2026 के 70 मामलों में चालान पेश किए गए हैं। केवल 11 मामलों में एफआर लगाई गई है, जबकि 36 मामलों की जांच जारी है।

धौलपुर पुलिस ने बजरी तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 187 मामलों में वाहन चालकों और मालिकों दोनों को गिरफ्तार किया। पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड खंगालने पर जिले में 68 रिपीट ऑफेंडर्स चिन्हित किए गए हैं। पुलिस ने अवैध कमाई पर चोट करने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 (2) बीएनएस के तहत 37 गंभीर प्रकरण दर्ज किए हैं, जिनमें वर्ष 2025 के 17 और वर्ष 2026 के 20 मामले शामिल हैं।

इसके अलावा धौलपुर पुलिस ने अपराधियों की अवैध संपत्तियों को कुर्क कराने के लिए धारा 107 बीएनएस के तहत तीन इस्तगासे न्यायालय में पेश किए। इनमें से एक मामले में न्यायालय ने कुर्की आदेश जारी कर दिया है, जबकि एक अन्य मामले में नोटिस जारी हुआ है।

करौली जिला पुलिस ने भी चम्बल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वर्ष 2023 से मई 2026 तक 76 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल की रिपोर्ट के अनुसार 72 मामलों में चालान पेश किए जा चुके हैं, जबकि चार मामलों की जांच जारी है।

करौली पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 44 वाहन मालिकों और 80 चालकों सहित कुल 124 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चम्बल नदी क्षेत्र से अवैध रूप से परिवहन की जा रही 361 टन बजरी जब्त की। इनमें वर्ष 2023 में 122 टन, वर्ष 2024 में 64 टन, वर्ष 2025 में 114 टन और वर्ष 2026 में अब तक 61 टन बजरी शामिल है। इसके साथ ही अवैध खनन और परिवहन में प्रयुक्त 102 वाहनों को भी जब्त किया गया।

पुलिस टीमें चम्बल बजरी के अवैध स्टॉकों को जेसीबी मशीनों से नष्ट कर रही हैं और अवैध भंडारण करने वालों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों और चम्बल किनारे बसे गांवों में लोगों को लगातार समझाइश दी जा रही है कि प्रतिबंधित बजरी खनन और परिवहन कानूनन अपराध है। पुलिस आमजन को आगाह कर रही है कि ऐसे मामलों में प्रयुक्त वाहनों और मशीनों के खिलाफ अब और कठोर कार्रवाई होगी।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में अब प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन और परिवहन में जब्त वाहनों और मशीनों को केवल जुर्माना लगाकर छोड़ा नहीं जा सकेगा। ऐसे मामलों में वाहनों की जब्ती, रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण और राजसात की कार्रवाई भी की जाएगी।

राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रतिबंधित बजरी खनन और परिवहन से दूर रहें तथा किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि चम्बल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था को प्रभावी रूप से बनाए रखा जा सके।

Pratahkal Bureau

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