राजस्थान में नार्को-टेररिज्म पर बड़ा प्रहार, 9 माह में 5951 कार्रवाई, 7502 तस्कर गिरफ्तार
राजस्थान में नार्को-टेररिज्म के खिलाफ 9 माह में 5951 कार्रवाई, 7502 तस्कर गिरफ्तार और 692 करोड़ की ड्रग्स जब्त, जानिए पूरी कार्रवाई।

तस्वीर में (बाएं से दाएं) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ एक अन्य गणमान्य व्यक्ति हवाई अड्डे पर विमान के सामने खड़े होकर फूलों का गुलदस्ता भेंट करते और मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं।
राजस्थान में नार्को-टेररिज्म के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने अवैध नशे के कारोबार पर मिशन मोड में कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा शुरू किए गए अभियान के तहत प्रदेश में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के गठन के बाद महज 9 माह में 5 हजार 951 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज किए गए हैं और 7 हजार 502 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 692 करोड़ 2 लाख 30 हजार 201 रुपए मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
युवा पीढ़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने वाली नार्को-टेररिज्म की चुनौती से निपटने के लिए गत 31 मार्च 2026 से शुरू किए गए देशव्यापी तीन वर्षीय नशा मुक्ति अभियान के लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राजस्थान पुलिस सीमा पार तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार रिकॉर्ड कार्रवाई कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विशेष रूप से प्रशिक्षित स्थायी टीमों, पुख्ता अनुसंधान और मजबूत सूचना तंत्र की मदद से एएनटीएफ नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क, उत्पादन, परिवहन, वितरण और उपभोग तक की पूरी सप्लाई चेन पर एक साथ प्रहार कर रही है।
प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राजस्थान पुलिस द्वारा वर्ष 2023 की तुलना में मई 2026 तक नशीले पदार्थों के निस्तारण में 11 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने का दायरा बढ़कर 170 एकड़ तक पहुंच गया है।
एएनटीएफ ने अपने गठन के बाद 515 कार्रवाई करते हुए 703 तस्करों को गिरफ्तार किया। वहीं एएनटीएफ और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से 9 माह में 5 हजार 951 कार्रवाई कर 7 हजार 502 तस्करों को गिरफ्तार किया। इस अवधि में एएनटीएफ ने 10 एमडी फैक्ट्रियां पकड़ीं, जबकि जिला पुलिस के साथ मिलकर कुल 30 एमडी फैक्ट्रियों को जमींदोज किया गया। इसके अलावा प्रदेश में 17 बड़े अभियान चलाकर नशे की अवैध खेती को जड़ से ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी बरामद किए गए। इनमें 1 लाख 27 हजार 491 किलोग्राम डोडा-चूरा, 838 किलोग्राम अफीम, 7 हजार 563 किलोग्राम गांजा, 82 किलोग्राम हेरोइन, 46 किलोग्राम स्मैक और 1 लाख 80 हजार 843 नशीली टैबलेट्स शामिल हैं। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अभियान में 296 किलोग्राम एमडी, 16 किलोग्राम एमडीएमए, 410 किलोग्राम 2-ब्रोमो, 45 किलोग्राम कास्टिक सोडा और 406 किलोग्राम तरल केमिकल भी जब्त किए गए।
नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को बाहर निकालने और तस्करों से जुड़ी गुप्त सूचनाएं प्राप्त करने के लिए मानस हेल्पलाइन (1933) प्रभावी माध्यम बनकर सामने आई है। इस हेल्पलाइन के जरिए पूर्ण गोपनीयता के साथ सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यहां उपचार संबंधी मार्गदर्शन, काउंसलिंग और पुनर्वास की जानकारी भी दी जा रही है। इसके साथ ही एएनटीएफ ने नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा के तहत 157 शिविर आयोजित कर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव और उसके खतरे के प्रति जागरूक किया है। इन लगातार कार्रवाइयों के जरिए प्रदेश में नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क को कमजोर करने और युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखने की दिशा में अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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