राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, सुलभ और आधुनिक बनाने की दिशा में पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों का दायरा बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के अंतर्गत राज्य के 9 शहरों के लिए कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इनमें से अब तक 250 ई-बसें राजस्थान को मिल चुकी हैं। जयपुर को 103 ई-बसें उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि 450 अतिरिक्त ई-बसों और 50 डबल डेकर ई-बसों को प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर काम कर रही है। योजना का उद्देश्य शहरी परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।

पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत शुरुआत में राजस्थान के आठ शहरों के लिए कुल 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई थीं। हालांकि, राज्य सरकार के विशेष प्रयासों और मजबूत प्रबंधन के चलते प्रदेश के लिए अतिरिक्त बसें स्वीकृत कराई गईं। इसके बाद राजस्थान के लिए स्वीकृत ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर 1150 हो गई।

स्वीकृत बसों में जयपुर के लिए 550, जोधपुर के लिए 125, अजमेर और कोटा के लिए 100-100, बीकानेर के लिए 75 तथा भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर और सीकर के लिए 50-50 ई-बसें शामिल हैं। राज्य को अब तक 250 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से 103 बसें जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) को मिली हैं। फिलहाल 58 बसों का संचालन बगराना डिपो से किया जा रहा है, जबकि शेष बसों का संचालन टोडी डिपो से जल्द शुरू किया जाएगा।

ई-बसों में आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की व्यवस्था भी की गई है। सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और अन्य सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित इन बसों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों को किफायती और आरामदायक सफर उपलब्ध कराना है। बसों में लगे सुरक्षा उपकरण महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने के साथ उनके नियमित संचालन के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बजट घोषणा 2025-26 के अनुपालन में शेष 450 ई-बसों और 50 डबल डेकर ई-बसों को प्राप्त करने की प्रक्रिया जेसीटीएसएल की ओर से संचालित की जा रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बसों की खरीद और उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे बसों का नियमित संचालन हो और यात्रियों को सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सके।

इसी उद्देश्य से बस डिपो, चार्जिंग स्टेशन, विद्युत कनेक्शन और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। जयपुर में ई-बसों के सुचारु संचालन के लिए बगराना, टोडी मोड़ और सांगानेर में डिपो बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त गोनेर के नजदीक रलावता, अजमेर रोड पर खटवाड़ा और दिल्ली रोड पर अचरोल में डिपो निर्माण के लिए राज्य सरकार भूमि आवंटित कर चुकी है।

बस डिपो में चार्जिंग और अन्य विद्युत आधारभूत ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। वहीं, बस डिपो का सिविल आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए 53 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है।

इस तरह राजस्थान में पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बसों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ उनके संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नौ शहरों के लिए स्वीकृत 1150 इलेक्ट्रिक बसों, जयपुर में जारी संचालन और नए डिपो व चार्जिंग ढांचे के विकास से प्रदेश में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।

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