जयपुर, 09 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और स्वच्छता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 16 फरवरी से 28 फरवरी तक “प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026” का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की सोच ने इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की, जिसके चलते प्रदेश के लाखों लोगों ने उत्साहपूर्वक अभियान में भागीदारी निभाई तथा अभियान को राज्यभर में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला।

18 लाख से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी और भारी मात्रा में कचरा संग्रहण

अभियान के दौरान 18 लाख 61 हजार प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा राज्यभर से लगभग 39 हजार किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया। एकत्रित प्लास्टिक के पुनर्चक्रण एवं वैज्ञानिक निस्तारण से लगभग 2 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ, जो इस अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार जनभागीदारी पर बल दिया है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठा रही है। यही कारण है कि इस अभियान में ग्राम पंचायतों से लेकर विद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों और आम नागरिकों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यालयों, महिला समूहों और स्वयंसेवी संगठनों का बढ़ा योगदान

अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ एवं प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाना तथा आमजन में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस अभियान को व्यापक जनआंदोलन का रूप मिला और लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूती मिली। अभियान के तहत राज्यभर की ग्राम पंचायतों में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, जल स्रोतों, धार्मिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता गतिविधियाँ संचालित की गईं।

ग्राम पंचायतों में जागरूकता हेतु विविध गतिविधियों का आयोजन

इसके साथ ही चौपाल, स्वच्छता रैलियाँ, श्रमदान, विद्यालयों में पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएँ, दुकानदारों के साथ संवाद, महिलाओं को कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने के कार्यक्रम तथा बर्तन बैंक को प्रोत्साहित करने जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। अभियान के दौरान कई स्थानों पर सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए जागरूकता के साथ-साथ जुर्माने की कार्रवाई भी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्लास्टिक कचरा मुक्त वातावरण बनाए रखने और कचरा पृथक्करण अपनाने की शपथ ली, जिससे ‘प्लास्टिक मुक्त राजस्थान‘ का संकल्प धरातल पर साकार हो सके।

स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर अग्रसर राजस्थान

मुख्यमंत्री की पहल पर चलाए जा रहे ऐसे जनहितकारी अभियानों से प्रदेश में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को नई मजबूती मिल रही है तथा राजस्थान स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। "मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की सोच ने इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की" तथा "एकत्रित प्लास्टिक के पुनर्चक्रण एवं वैज्ञानिक निस्तारण से लगभग 2 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ" जैसे परिणाम इस मुहिम की सफलता की पुष्टि करते हैं।

Pratahkal Bureau

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