राजस्थान पेट्रो जोन: रिफाइनरी उत्पादों के लिए 18 एमओयू पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में बालोतरा के आरपीजेड विकास हेतु 18 त्रिपक्षीय समझौते हुए; 21 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे रिफाइनरी का उद्घाटन।

जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दीया कुमारी और अन्य अतिथि राजस्थान पेट्रो जोन (RPZ) के विकास हेतु एमओयू हस्ताक्षरित होने के अवसर पर।
जयपुर। राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर बालोतरा स्थित राजस्थान पेट्रो जोन (आरपीजेड) के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रदेश में पेट्रोकेमिकल आधारित नए उद्योगों को गति देने के उद्देश्य से एचपीसीएल रिफाइनरी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के मध्य 18 त्रिपक्षीय समझौते (एमओयू) हस्ताक्षरित किए गए। यह एमओयू रिफाइनरी से निकलने वाले डाउनस्ट्रीम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, जिससे सहायक उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगामी 21 अप्रेल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन कर देश और प्रदेश को एक ऐतिहासिक सौगात सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स न केवल ईंधन उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि यह राज्य में औद्योगिक क्रांति की धुरी साबित होगा। राजस्थान पेट्रो जोन को विशेष रूप से इसलिए विकसित किया गया है ताकि उद्यमी सीधे रिफाइनरी से कच्चा माल प्राप्त कर सकें, जिससे उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी। यहाँ मुख्य रूप से प्लास्टिक, फार्मा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के उत्पादों का निर्माण होगा। रिफाइनरी से मुख्य ईंधन के अतिरिक्त पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीथीन (एचडीपीई/एलएलडीपीई), बेंजीन, टोलुइन और ब्यूटाडाईन जैसे उच्च गुणवत्ता वाले उप-उत्पाद प्राप्त होंगे, जो प्लास्टिक फर्नीचर, कृषि पाइप, पैकेजिंग फिल्म्स, ऑटोमोबाइल डैशबोर्ड, सिंथेटिक फाइबर और मेडिकल सीरिंज जैसे उत्पादों के निर्माण में सहायक होंगे।
परियोजना के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि रिफाइनरी के समीप बोरावास-कलावा में 1022 हैक्टेयर क्षेत्र में राजस्थान पेट्रो जोन विकसित किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में 30 हैक्टेयर भूमि विकसित हो चुकी है और 86 में से 45 औद्योगिक भूखण्डों का आवंटन भी किया जा चुका है। निवेशकों को तत्काल कार्य शुरू करने की सुविधा देने के लिए 8 'प्लग एंड प्ले' फैक्ट्री शेड्स निर्मित किए गए हैं। जोन के द्वितीय चरण में 213 हैक्टेयर में 257 भूखण्ड उपलब्ध होंगे, जिसके लिए ए-कैटेगरी की पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है और 68 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचे का विकास जारी है। तृतीय चरण के तहत रामनगर, सिंधियों की ढाणी, वेदरलाई और खेमाबाबा नगर में लगभग 780 हैक्टेयर भूमि रीको को आवंटित की गई है, साथ ही जेरला में भी नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में विकास की गति तीव्र हुई है और औद्योगिक विस्तार से रोजगार के व्यापक अवसर सृजित हो रहे हैं। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास और अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग श्री शिखर अग्रवाल ने पचपदरा रिफाइनरी की तकनीकी विशेषताओं को साझा किया। कार्यक्रम में एचपीसीएल के मार्केटिंग डायरेक्टर श्री अमित गर्ग, पेट्रो केमिकल हैड श्री सौगाता चौधरी सहित कई गणमान्य निवेशक उपस्थित रहे, जबकि उद्योग राज्यमंत्री श्री के. के. विश्नोई और स्थानीय विधायक श्री अरुण चौधरी वीसी के माध्यम से सम्मिलित हुए। यह सम्पूर्ण ईको-सिस्टम राजस्थान को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा।

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