राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख के पार, सीएम ने पेश किया आर्थिक ब्यौरा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में बताया कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

जयपुर, 27 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि हमारी जनकल्याणकारी नीतियों और बड़े आर्थिक सुधारों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा दृष्टिकोण टकराव और विरोध का नहीं, बल्कि समाधान और विकास का है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नवाचार, सुधार और सतत प्रयास से राजस्थान को विकसित राजस्थान बनाने की दिशा में हम अग्रसर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजस्थान भी भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत ग्रोथ इंजन की भूमिका निभा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि "प्रदेश को तेज रफ्तार से विकास करना है तो हमे भविष्य की ओर देखकर ही चलना होगा।"
दो साल का कार्यकाल: पक्के इरादे और ठोस नीतियां
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि उनके दो साल के अब तक के कार्यकाल में पक्के इरादों और ठोस नीतियों से राजस्थान में नई कार्य संस्कृति का उदय हुआ है। उन्होंने कहा कि "हमारे दो साल का मतलब पक्के इरादे-ठोस नीतियां, काम ज्यादा-समय आधा है।" राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय पहली बार बढ़कर 2 लाख 2 हजार 349 रुपये होने जा रही है, जो वर्ष 2023-24 की 1 लाख 67 हजार 27 रुपये की तुलना में लगभग 21.15 प्रतिशत की वृद्धि है। उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र सहित हर सेक्टर में प्रगति हो रही है। वर्ष 2026-27 का बजट 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में लगभग 41 प्रतिशत अधिक है।
जीएसडीपी में अभूतपूर्व वृद्धि और राजकोषीय प्रबंधन
श्री शर्मा ने आंकड़ों के साथ बताया कि वर्ष 2026-27 में राज्य की जीएसडीपी लगभग 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के 5 वर्षों में जीएसडीपी में लगभग 6 लाख 10 हजार 544 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई थी, जबकि वर्तमान सरकार के मात्र 2 साल के कार्यकाल में ही 6 लाख 30 हजार 37 करोड़ रुपये से अधिक वृद्धि का अनुमान है। आर्थिक सुधारों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रयासों के कारण औसत वृद्धि दर गत सरकार के 10.92 से बढ़कर 12.25 प्रतिशत हो गई है। स्थिर मूल्यों पर यह दर पिछली सरकार के पांच साल में केवल 5.3 प्रतिशत थी, जो अब 8.7 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2026-27 में कुल राजस्व प्राप्तियां 3 लाख 25 हजार 740 करोड़ रुपये अनुमानित हैं, जो गत सरकार के अंतिम वर्ष से लगभग 60 प्रतिशत अधिक हैं।
बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 में सरकार ने अब तक का सबसे अधिक 30 हजार 700 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया है, जिससे प्रदेश में नई सड़कें, पुल और औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं। वर्ष 2026-27 के लिए आधारभूत संरचनाओं पर 53 हजार 978 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है, जो गत सरकार के अंतिम वर्ष के 26 हजार 646 करोड़ रुपये के मुकाबले दो गुने से भी अधिक है। आगामी वर्ष में राज्य का कुल पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा। राजकोषीय घाटे को लेकर उन्होंने कहा कि "हमारी सरकार ने वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 3.69 प्रतिशत पर सीमित रखा है, जबकि गत सरकार के अंतिम वर्ष में यह 4.31 प्रतिशत था।"
कृषि और जल प्रबंधन में क्रांतिकारी कदम
विकास के साथ वित्तीय अनुशासन को संकल्प बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 में कृषि बजट 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछली सरकार के अंतिम कृषि बजट से 34 प्रतिशत अधिक है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 11 हजार करोड़ रुपये सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। तारबंदी, फार्मपौंड और लैम्पस के गठन में भी पिछली सरकार की तुलना में कई गुना अधिक लाभान्वित किया गया है। जल प्रबंधन पर उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राम जल सेतु लिंक परियोजना को हम धरातल पर ला रहे हैं।" शेखावाटी में यमुना का जल लाने के लिए हरियाणा सरकार से सहमति मिल चुकी है और डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में है।
पिछली सरकार की विफलताओं पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के समय पेयजल और औद्योगिक परियोजनाओं पर 'डबल जीरो' काम होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना, चंबल-अलवर-भरतपुर परियोजना और परवन पेयजल परियोजना जैसी महत्वपूर्ण घोषणाओं पर शून्य कार्य हुआ। औद्योगिक क्षेत्रों के मामले में भी 107 उपखंडों में भूमि आवंटन का काम जीरो रहा। उन्होंने कहा कि सलारपुर और बोरानाडा में मल्टी स्टोरिड इंडस्ट्रीयल कॉम्पलेक्स तथा मिनी फूड पार्क की घोषणाएं भी धरातल पर नहीं उतरीं। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने विकास व्यय को 68.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत प्रस्तावित किया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता
शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2026-27 के लिए 68 हजार 989 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2023-24 से 35 प्रतिशत अधिक है। स्वास्थ्य पर बजट का 8.02 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय बेंचमार्क से अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि "कोरोना काल में भी गत सरकार ने स्वास्थ्य बीमा में कम खर्च किया, जबकि हमारी सरकार ने 2 वर्ष में 7 हजार 445 करोड़ रुपये व्यय कर कैशलेस उपचार सुनिश्चित किया है।" सरकार ने 14 जिला और 61 उप जिला अस्पताल स्थापित किए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की न्यूनतम राशि बढ़ाकर 1300 रुपये कर दी गई है और वर्ष 2026-27 के लिए 16 हजार 579 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एमएलए लेड योजना और पंचायतों को हस्तांतरित राशि में भी ढाई से चार गुना तक की वृद्धि की गई है।
2047 तक विकसित राजस्थान का विजन
मुख्यमंत्री ने भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर और वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बजट में कोई भी अतिरिक्त कर नहीं लगाया गया है, बल्कि स्टाम्प ड्यूटी में राहत और पंजीयन सेवाओं का सरलीकरण किया गया है। जीएसटी कर दाताओं के लिए ऑनलाइन सुनवाई और विभिन्न क्षेत्रों के लिए एम्नेस्टी योजनाएं लाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य की स्वयं की राजस्व प्राप्तियां वर्ष 2026-27 में 69 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1 लाख 91 हजार 103 करोड़ रुपये होना अनुमानित है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
