जयपुर, 25 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा सचिवालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 और राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026 लाने, राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने कैबिनेट बैठक के बाद विधानसभा में आयोजित प्रेसवार्ता में इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।

निर्वाचन नियमों में संशोधन और कुष्ठ रोग संबंधी विसंगति का निवारण

संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने बताया कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-19 और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा-24 में संशोधन कर राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 और राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026 लाने का महत्वपूर्ण निर्णय किया गया है। इससे जिन व्यक्तियों के दो से अधिक संतान हैं वे पंचायतीराज संस्थाओं एवं नगरपालिकाओं के चुनाव लड़ सकेंगे। उन्होंने बताया कि दो से अधिक संतान पर चुनाव लड़ने का प्रतिबंध उस समय लागू किया गया था, जब जनसंख्या विस्फोट पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता थी। वर्ष 1991-94 के बीच प्रजनन दर 3.6 थी, जो वर्तमान में घटकर 2 रह गई है, ऐसे में इन प्रावधानों का प्रत्यक्ष प्रभाव अब कम होता जा रहा है। साथ ही, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अनुपालना में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 24 में संशोधन कर धारा 2 को संशोधित करते हुए शब्द "कुष्ठ रोग" को खतरनाक रोग की श्रेणी से हटाया गया है। जिससे नगरपालिका के आगामी चुनाव में सभी व्यक्तियों को चुनाव लड़ने का समान अवसर मिल सकेगा और कुष्ठ रोगियों का सम्मान भी सुनिश्चित हो सकेगा।

आर्थिक अपराधों पर लगाम हेतु नवीन निदेशालय का गठन

उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि आर्थिक अपराधों पर प्रभावी रोकथाम तथा वित्तीय अनुशासन के लिए राज्य राजस्व आसूचना निदेशालय को समाप्त कर राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन का निर्णय मंत्रिमण्डल में किया गया। उन्होंने बताया कि "इससे रियल एस्टेट में धोखाधड़ी, बैंक-बीमा-एनबीएफसी एवं शेयर बाजार से जुड़े वित्तीय अपराध, मल्टी लेवल मार्केटिंग ठगी, झूठा दिवालियापन, फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी तथा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से नौकरी या प्रवेश से संबंधित मामलों पर शीघ्र कार्रवाई हो सकेगी।" साथ ही, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या विक्रय, स्टाम्प एवं पंजीयन अनियमितताएं, फर्जी कंपनियों का गठन, सहकारी समितियों में घोटाले जैसे आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सकेगा और अपराधियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यह निदेशालय वाणिज्यिक कर, आबकारी, परिवहन, पंजीयन एवं मुद्रांक, खनिज सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर राजस्व लीकेज पर निगरानी रखेगा तथा टैक्स चोरी को रोकेगा। इससे राजस्व संबंधी सूचनाओं और आर्थिक अपराधों की जांच का कार्य एकीकृत रूप से किया जा सकेगा।

राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 और निवेश

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि औद्योगिक विकास को नई गति देने, निवेश को प्रोत्साहित करने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति, 2026 लाई जाएगी। इस नीति के अंतर्गत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए मॉडल-ए (पूर्णतः रीको द्वारा आवंटित भूमि पर विकास), मॉडल-बी (80 प्रतिशत भूमि विकासकर्ता द्वारा अधिग्रहण एवं शेष 20 प्रतिशत भूमि रीको द्वारा निर्धारित दरों पर), मॉडल-सी (संपूर्ण भूमि की विकासकर्ता द्वारा व्यवस्था) तथा मॉडल-डी (पीपीपी मॉडल) निर्धारित किए हैं। इस नीति के अंतर्गत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के लिए कम से कम 50 एकड़ क्षेत्रफल तथा न्यूनतम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी। राज्य सरकार औद्योगिक पार्क के लिए सामान्य अवसंरचना विकास पर 20 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान भी देगी, जिसकी अधिकतम सीमा 100 एकड़ तक के पार्क हेतु 20 करोड़ रुपए, 100 से 250 एकड़ हेतु 30 करोड़ तथा 250 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल हेतु 40 करोड़ रुपए होगी। हरित विकास के लिए सीईटीपी पर व्यय का 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 12.5 करोड़ रुपए प्रति पार्क) का प्रावधान किया गया है। पार्क के लिए अनुमोदन प्रक्रिया राज निवेश पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो प्रणाली द्वारा समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से की जाएगी।

स्टील वैल्यू चैन की मजबूती और राजस्थान मंडपम प्रोजेक्ट

कर्नल राठौड़ ने बताया कि मैसर्स ग्रोथ इण्डस्ट्रीयल मिनरल्स प्रा. लि. को ग्राम रामल्यावार्स, तहसील नीमकाथाना में औद्योगिक प्रयोजन के लिए 53 हैक्टेयर की भूमि राजस्थान औद्योगिक क्षेत्र आवंटन नियम, 1959 के प्रावधानों के अंतर्गत आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। कम्पनी द्वारा करीब 500 करोड़ रुपए के निवेश से इस जमीन पर आधुनिक तकनीक आधारित बेनिफिकेशन एवं पेलेट प्लांट की स्थापना कर लगभग 565 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे प्रदेश में स्टील वैल्यू चैन को मजबूती मिलेगी और यह निर्णय आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम साबित होगा। इसके अतिरिक्त, जयपुर स्थित रीको की भूमि पर राजस्थान मंडपम, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर एवं अन्य विकास कार्यों के संशोधित वित्तीय मॉडल का अनुमोदन किया गया। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 5 हजार 815 करोड़ रुपए तथा अनुमानित राजस्व प्राप्ति 5 हजार 825 करोड़ रुपये है, जिससे 10 करोड़ रुपए की शुद्ध आय संभावित है। अब राज्य सरकार पर पूर्व में अनुमानित 635 करोड़ का वित्तीय दायित्व नहीं रहेगा और परियोजना पूर्णतः स्व-वित्तपोषित मॉडल पर क्रियान्वित होगी।

आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना और ग्राम विकास अधिकारियों की पदोन्नति

डॉ. बैरवा ने बताया कि प्रदेश में भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए "दि राजस्थान आयुर्वेद, योग एण्ड नेचुरोपैथी यूनिवर्सिटी, अजमेर विधेयक, 2026" के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे आयुर्वेद, योग व नेचुरोपैथी, यूनानी, होम्योपैथी आदि के क्षेत्र में शिक्षण, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और मेडिकल टूरिज्म सशक्त होगा। अंत में, श्री पटेल ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारियों की मांग पर वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी का नवीन पद सृजन करने तथा 750 पदों को क्रमोन्नत करने का निर्णय लिया गया है। "वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी के नवीन पद सृजन से उन्हें 3600 पे ग्रेड एवं लेवल-10 पर शीघ्र पदोन्नति के अवसर मिल सकेंगे।" वर्तमान में ग्राम विकास अधिकारी का ग्रेड पे 2400 एवं पे लेवल एल-6 है।

Pratahkal Bureau

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