राजस्थान: दो से अधिक बच्चों वाले भी अब लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव
पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में घोषणा की कि पंच और सरपंच पद के लिए दो से अधिक बच्चों की बाध्यता वाले पुराने प्रावधान को हटा दिया गया है।

राजस्थान की 16वीं विधानसभा का पंचम सत्र जारी है। इस दौरान विधानसभा परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में दो या दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति भी पंच एवं सरपंच बन सकते हैं, क्योंकि इसमें पूर्व निर्धारित दो से अधिक बच्चों की बाध्यता को अब पूरी तरह से हटा दिया गया है।
शिक्षा और जागरूकता के जरिए लोकतांत्रिक सशक्तिकरण
पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया कि इस नई पहल के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस निर्णय से ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। श्री दिलावर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि "अब प्रदेश में दो या दो से अधिक बच्चों वाले भी पंच एवं सरपंच बन सकते हैं, इसमें पूर्व निर्धारित दो से अधिक बच्चों की बाध्यता को हटा दिया गया है।"
पुराने प्रावधानों में संशोधन की आवश्यकता
चर्चा के दौरान यह विषय भी प्रमुखता से सामने आया कि पूर्व में चुनाव प्रक्रिया में दो से अधिक बच्चों वाले सख्त नियमों वाले प्रावधान प्रभावी रूप से लागू नहीं किए जा सकते थे। इन नियमों के कारण कई प्रशासनिक और चुनावी व्यवस्थाओं में बाधाएं उत्पन्न हो रही थीं। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुराने प्रावधानों में संशोधन किया गया और कुछ प्रतिबंधों को हटाकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है।
भविष्य की पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का संकल्प
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री महोदय ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक नियमों को उचित रूप से लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन बदलावों से पंचायत स्तर पर लोकतंत्र और विकास को नई मजबूती मिलेगी। "इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देना है, ताकि ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सके।"

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
