दिवाली से पहले 4500 पैक्स के कर्मचारियों पर वेतन संकट, 7% ब्याज अनुदान बकाया होने से घरों में छाया अंधेरा
ऋण वितरण अनुदान बकाया होने से समितियों के पास बजट नहीं, यूनियन ने मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।

राजस्थान में सहकारी साख व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) के हजारों कर्मचारी वेतन के अभाव में आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। दिवाली के अवसर पर जहां त्रि-स्तरीय सहकारी ढांचे के अन्य कर्मचारी वेतन और बोनस के साथ त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं प्रदेश की करीब 4500 पैक्स के व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक और सेल्समैन कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण परेशान हैं।
ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन के प्रांतीय महासचिव एवं सहकारी साख समितियां एम्प्लाइज यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि अल्पकालीन सहकारी साख आंदोलन के तहत किसानों को फसली ऋण वितरित करने, ऋण वसूली करने और राज्य एवं केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं को गांव की चौपाल से किसान के खलिहान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों की है। इसके बावजूद इन कर्मचारियों को वेतन के अभाव में गंभीर आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
आमेरा के अनुसार, पैक्स कर्मियों के वेतन का मुख्य आधार राज्य सरकार की 4 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 3 प्रतिशत ऋण वितरण अनुदान राशि है। यह अनुदान लंबे समय से बकाया चल रहा है। पैक्स कर्मचारियों को इसी राशि से कमोबेश वेतन का भुगतान किया जाता है। अनुदान जारी नहीं होने के कारण प्रदेश की पैक्स समितियां आर्थिक संकट से जूझ रही हैं और इसका सीधा असर वहां कार्यरत कर्मचारियों के वेतन पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि त्रि-स्तरीय सहकारी ढांचे में ऊपर के सभी कार्मिक वेतन और बोनस के साथ दिवाली मनाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि पैक्स के कर्मचारी कई महीनों से वेतन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में सहकारी साख व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों के सामने त्योहार मनाने का संकट खड़ा हो गया है।
इस संबंध में यूनियन ने मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के सहकारिता मंत्री, सहकारिता विभाग और राज्य सहकारी बैंक को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। यूनियन ने दीपावली पर्व को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और पैक्स कर्मियों के वेतन भुगतान की तत्काल व्यवस्था करने के लिए आदेश जारी करने का आग्रह किया है, ताकि हजारों कर्मचारियों के घरों में भी दीपावली का दीपक जल सके।
आमेरा ने कहा कि जो कर्मचारी किसानों की खुशहाली के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं, उनके अपने घरों में दीपावली पर अंधेरा रहना सहकारिता के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से बकाया अनुदान राशि जारी करने की मांग की, ताकि प्रदेश की 4500 पैक्स के कर्मचारियों को वेतन मिल सके और वे भी दीपावली का त्योहार मना सकें।

