संविदा नर्सों के समर्थन में आंदोलन तेज, जयपुरिया चिकित्सालय में जोरदार प्रदर्शन; कर्मचारी महासंघ एकीकृत ने दिया साथ
राजस्थान में संविदा नर्सों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। जयपुरिया चिकित्सालय में जोरदार प्रदर्शन के बीच कर्मचारी महासंघ एकीकृत ने समर्थन दिया। अब आंदोलन प्रदेशभर में फैलता नजर आ रहा है।

प्रदेशभर में संविदा नर्सों की सेवाएं समाप्त किए जाने और संविदा नर्स दीपक खारवाल की मृत्यु के मामले को लेकर शुरू हुआ विरोध अब लगातार विस्तार ले रहा है। राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर चल रहा आंदोलन शुक्रवार को सातवें दिन भी जारी रहा, जहां सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर धरना देकर नर्सों ने अपनी मांगों को दोहराया।
संघर्ष समिति ने संविदा नर्स दीपक खारवाल को कथित रूप से असंवैधानिक तरीके से सेवा से हटाए जाने के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को उनकी मृत्यु का कारण बताते हुए उनकी निराश्रित पत्नी और बच्चों को मुआवजा तथा सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों में वर्षों से कार्यरत उन हजारों संविदा नर्सों को पुनः सेवा में बहाल करने की मांग भी की जा रही है, जिन्हें हाल ही में सेवा से हटाया गया है।
आंदोलन को उस समय और बल मिला जब कर्मचारी महासंघ एकीकृत के महासंघ प्रमुख महेन्द्र सिंह चौधरी तथा राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के प्रशासनिक प्रदेश अध्यक्ष सियाराम शर्मा धरना स्थल पर पहुंचे और नर्सों को समर्थन दिया। दोनों नेताओं ने राज्य सरकार से नर्सों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आंदोलन का समाधान निकालने की अपील की।
धरने से पूर्व जयपुरिया चिकित्सालय के नर्सिंगकर्मियों ने सुबह आठ बजे मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। संयोजक महेन्द्र शर्मा, पवन बेनीवाल, ममता शर्मा और मुरारीलाल मीना के नेतृत्व में नियमित और अनियमित नर्सों ने अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया।
संघर्ष समिति ने आंदोलन के अगले चरण की भी चेतावनी दी है। जयपुरिया चिकित्सालय में आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश संयोजक राजेंद्र राना, पवन मीना, पुरुषोत्तम कुम्भज, जे.पी. कसवां, भुदेव धाकड़, जीतेन्द्र कटारा, बी.पी. सिंह और के.के. यादव ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता के कारण आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी चरण में नर्सों द्वारा शोक दिवस मनाते हुए सामूहिक अवकाश लिया जाएगा।
संघर्ष समिति के अनुसार आंदोलन अब केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहा है। शुक्रवार को जयपुर से लेकर बाड़मेर तक प्रदेश के कई जिलों में नर्सेज संयुक्त संघर्ष समितियों के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गए। वहीं शनिवार को कावटिया चिकित्सालय के नर्सेज भी चिकित्सालय संयोजक कैलाश कसाना और यजुवेंद्र यादव के नेतृत्व में सुबह आठ बजे से दो घंटे का विरोध प्रदर्शन करेंगे।
प्रदेशभर में फैलता यह आंदोलन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संविदाकर्मियों के मुद्दों को लेकर बढ़ती असंतोष की स्थिति को रेखांकित कर रहा है। आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

Pratahkal Bureau
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